स्वतंत्रता दिवस: केसरिया साफा बांध पांचवीं बार लालकिले से देश को सबोधित किया मोदी जी ने.. हर बार प्रयोग किया अलग तरह का साफा

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जब आज १५ अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित कर रहे थे तो वह आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे थे. सफेद कुर्ता पाजाम, गले में गमछा तथा सर पर केसरिया पगड़ी बांधे प्रधानमन्त्री जी का व्यक्तित्व बेहद ही आकर्षक था. सभी जानते हैं कि प्रधानमन्त्री जी आपने रहन-सहन पहनावे के प्रति बेहद सजग रहते हैं. उनका भाषण तो मंत्रमुग्ध करने वाला होता ही है लेकिन साथ ही उनका पहनावा, उनका ड्रेसिंग सेन्स भी भी उतना ही शानदार होता है जो उनके प्रति आम जनता से लेकर सेलिब्रिटी तक को आकर्षित करता है. आज जब प्रधानमन्त्री जी 5वीं बार लालकिले पर देश को संवोधन करने पहुंचे तो उन्होंने सफेद कुर्ता पायजामा के साथ भगवा रंग का साफा पहना था, जिसकी किनारी लाल बंधेज की थी.

ज्ञात हो कि मोदी जी ने 5 बार लालकिले से देश को संबोधित किया है तथा हर बार वह अलग तरह का साफा बांधे नजर आये हैं. 15 अगस्त 2017 को पीएम बनने के बाद चौथी बार साफा पहनकर लाल किले पर तिरंगा फहराया. इस बार के साफे की लंबाई पहले पहने गए साफे से काफी ज्‍यादा थी. इस बार प्रधानमंत्री मोदी केसरिया और पीले रंग के साफे में लाल किले पर तिरंगा फहराने पहुंचे थे. साफे का पिछला हिस्सा काफी लंबा था. यह हर बार के मुकाबले इतना लंबा था कि पीएम के घुटनों तक पहुंच रहा था. इसे प्रधानमंत्री का अब तक का सबसे लंबा साफा माना जा रहा था.




 

प्रधानमंत्री मोदी साल 2016 में लाल किले पर पहंचे थे तो इस बार उन्‍होंने बेहद सादा कुर्ता पहना था लेकिन लाल, गुलाब और पीले रंग के उनके जोधपुरी साफे ने सबका दिल जीत लिया था. यह जोधपुर का प्रसिद्ध गजशाही साफा था. इनमें सू्ती कपड़ों को सफेद, हरा, केसरिया, गुलाबी, पीले और लाल रंग की पट्टियों में ऐसा रंगा जाता है कि एक साथ एक कपड़े कई रंग में दिखते हैं. इस साफ को प्रधानमंत्री ने खुद पसंद किया था. 2016 में अलग-अलग तरह के पांच साफों को पीएम निवास भेजा गया था. उन साफों में से पीएम ने नौ मीटर लंबे केसरिया पट्टी वाले गजशाही साफे को पसंद किया था.


 

प्रधानमन्त्री मोदी जी ने दुसरी बार 15 अगस्त 2015 को लालकिले पर तिरंगा फहराया तथा देश को संबोधित किया था. इस साल प्रधानमंत्री मोदी अपने साफे को लेकर भी काफी चर्चा में रहे थे. जयपुरी छापे के इस साफे में हरी और लाल धारियां थीं. साफे के पिछले हिस्से की लंबाई पीएम मोदी की कमर तक थी. प्रधानमन्त्री जी का इस बार का साफा, उनका कुर्ता पाजामा तथा जैकेट बेहद ही मनमोहक थी.


 

जब 2014 में नरेंद्र मोदी जी ने हिन्दुस्तान का प्रधानमन्त्री पद ग्रहण किया तथा 15 अगस्त २०१४ को वह पहली बार लालकिला पहुंचे तो देश के साथ दुनियाभर की नजरें उन पर टिकी हुईं थी. साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर पीएम को तौर पर पहली बार झंडा फहराया तब वह पूरी तरह तिरंगे के रंग में नजर आए थे. मोदी ने सफेद कुर्ते-पायजामे के साथ राजस्थान के बांधनी प्रिंट का केसरिया साफा पहना था. तिरंगे के तीसरे रंग को उनके लिबास में शामिल करने के लिए साफे का किनारा हरा रखा गया था. देखा जाए तो मोदी जी ने साफा बांधकर लालकिले से देश को संबोधित करने की जो परंपरा २०१४ में शुरू की थी उसे उन्होंने बरकरार रखा तथा हर बार एक अलग तरह का साफा बांधे नजर आये.


 

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