भारत मे किसी को नही पता कि कौन था रॉबर्ट और क्या था उसका देश के लिए योगदान.. लेकिन उसके नाम से बना था रेलवे स्टेशन जिस पर नजर पड़ी योगी – मोदी सरकार की .. और फिर ..


कोई जानता ही नही था कि कौन है रॉबर्ट, क्या पता कल अत्याचारी लुटेरे मुगलों की तरह उसे भी किसी नकली कलमकार द्वारा महिमामण्डित कर दिया जाता ..यकीनन कुछ तो रहा हो साजिश का हिस्सा वो जो बिना किसी योगदान के एक बड़ा नाम बन कर भारत के एक महत्वपूर्ण जगह लगा रहा ..लेकिन वर्तमान सरकार की उस पर नजर चली गयी और फिर हुआ वो बदलाव जिसकी जिम्मेदारी पहले की सरकारों की शत प्रतिशत थी ..

विदित हो कि प्रदेश में एक बार फिर से हर्ष की लहर तब दौड़ गयी जब उत्तर प्रदेश स्थित राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर सोनभद्र कर दिया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में स्थित ब्रिटिश कालीन रेलवे स्टेशन का नाम बदलने को मंजूरी दे दी है। गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि रेलवे स्टेशन सोनभद्र जिले के अंतर्गत आता है, इसके बावजूद सोनभद्र के नाम पर कोई जगह नहीं है। राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर सोनभद्र किया गया है। यह दूसरी बार है जब उत्तर प्रदेश में किसी रेलवे स्टेशन का नाम बदला गया है।

 
इससे पहले पिछले अगस्त में मुगलसराय स्टेशन का नाम बदल कर आरएसएस के विचारक दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखा गया था। पिछले साल मुंबई में भी छत्रपति शिवाजी टर्मिनल के नाम में’ महाराज’ शब्द जोड़ा गया था राबर्ट्सगंज स्टेशन का नाम अब सोनभद्र हो गया है जो भारतीय रेलवे के इलाहाबाद संभाग के उत्तर- मध्य जोन में आता है। इस स्टेशन से होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में टाटा नगर- जम्मू तवी एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस, झारखंड स्वर्ण जयंति एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें शामिल हैं। प्रदेश ही नही देश की जनता ने इस महान बदलाव पर अपार हर्ष जताते हुए और भी ऐसे नामो का शुद्धिकरण की मांग की ..


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