आखिरकार न्याय हुआ लालू का . जेल ही होगी किस्मत , कम से कम साढ़े तीन साल

शास्त्रों में वर्णन है कि ईश्वर वही पुकार सुनते हैं जो निस्वार्थ , निष्काम और निश्चल भाव से की गयी हो . सदा हिंदुत्व को निशाने पर लेने वालों के मस्तक अचानक ही हिन्दुओं की आराध्या माता दुर्गा के चरणों में झुक जायेगे ये हैरान करने वाली बात है लेकिन माता अन्तर्यामी हैं और उन्होंने वही किया जो न्यायोचित था . उसके बाद जो हुआ उसको शुद्ध न्याय कहा जाएगा जिसे न्यायालय ने भी आगे बढाया .. 

चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची की विशेष सीबीआई न्यायालय ने आज (६ जनवरी) लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा और ५ लाख का जुर्माना लगाया है। देवघर ट्रेजरी मामले में फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाई गई है। अब लालू यादव को इस न्यायालय से जमानत नहीं मिल सकेगी। उन्हें जमानत के लिए उच्च न्यायालय में जाना होगा। यदि लालू प्रसाद यादव ५ लाख रुपये का जुर्माना नहीं चुकाते तो उन्हें ६ महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

इस मामले में कुल १६ लोगों को दोषी ठहराया गया था। लालू के अलावा दोषी फूल चंद, महेश प्रसाद, बाके जुलियस, सुनील कुमार, सुशील कुमार, सुधीर कुमार और राजाराम को भी ३.५ साल कैद व ५ लाख रुपये की सजा दी गई है। वर्ष १९९० से १९९४ के बीच देवघर कोषागार से ८९ लाख, २७ हजार रुपये की फर्जीवाड़ा कर अवैध ढंग से पशु चारे के नाम पर निकासी के इस मामले में कुल ३८ लोग आरोपी थे, जिनके खिलाफ सीबीआई ने २७ अक्तूबर १९९७ को मुकदमा दर्ज किया था।

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