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अड़ा रहा जांबाज़ तो नेता जी ने टेके घुटने.. धमकी देने वाले मामले में मुलायम ने खुद ही स्वीकार किया ये सच

कहते है कि समय बड़ा बलवान होता है , अगर इसे देखना भी हो तो वर्तमान समय मे लखनऊ से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती है .  यहाँ पर सत्ता से अकेले अपने दम पर टकरा गया एक वर्दी वाला अंत तक अडिग रहा अपने फैसले पर और आखिरकार सत्य व न्याय की जीत की दिशा में उसका मार्ग प्रशस्त हुआ .. एक तरफ अकेला अधिकारी था तो दूसरी तरफ पूरी सत्ता थी जो अपनी निरंकुशता के लिए उस समय न सिर्फ विपक्ष अपितु जनता व अधिकारियो के बीच भी चर्चा में रहती थी ..

ज्ञात हो को आइपीएस अधिकारी श्री अमिताभ ठाकुर जी को फोन पर धमकी देने के मामले में अब ये स्वीकार कर ही लिया गया है कि वो आवाज पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह की ही है। विवेचक ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करके यह बताया। सीजेएम आनन्द प्रकाश सिंह ने विवेचक की रिपोर्ट को फाइल में शामिल करते हुए मामले की सुनवाई के लिए चार सितंबर की तारीख तय की है। यद्द्पि पहले इसे छिपाया गया था और मुलायम ने अंत समय तक बचने के कई प्रयास किये, लेकिन आखिरकार उन्हें घुटने टेकने ही पड़े ..इस मामले को जिसने भी सुना वही खुद से बोल पड़ा कि सत्यमेव जयते . जबकि अभी अंतिम फैसला आना बाकी है . 

पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के द्वारा आइपीएस अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी दिए जाने के आरोपों की विवेचना कर रहे बाजार खाला क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार यादव ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश पर चार अगस्त को वह सुशांत गोल्फ सिटी स्थित मुलायम सिंह यादव के आवास पर गए थे। मुलायम सिंह यादव ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही अमिताभ ठाकुर को फोन किया था तथा रिकार्डिंग में उनकी ही आवाज है। मुलायम ने कहा कि बड़े होने के नाते उन्हें समझाया था धमकी देने की मंशा नहीं थी, लिहाजा वह आवाज का नमूना नहीं देना चाहते।

गौरतलब है कि 24 सितंबर, 2015 को आइपीएस अमिताभ ठाकुर ने हजरतगंज में मुलायम सिंह यादव के खिलाफ फोन पर धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए 20 अगस्त, 2016 को अग्रिम विवेचना करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने विवेचक को मुलायम की आवाज का नमूना लेकर मिलान कराने का आदेश दिया था।

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