Breaking – शाही अंदाज़ में विजय मिली भारतीय जनता पार्टी को .. भारत की जनता के बाद संसद में भी “मोदी – मोदी”

एक लम्बी जद्दोजहद के बाद आखिरकार नरेन्द्र मोदी की सरकार ने शाही अंदाज़ में विश्वास मत न सिर्फ हासिल कर के दिखाया अपितु पिछले आंकड़ो से भी आगे निकल कर दिखा दिया . इस मामले में शिवसेना के वोट न करने के बाद भी मोदी का आंकड़ा बढना कांग्रेस के लिए चिंता और चौंकने दोनों का विषय बना हुआ है . मोदी के भाषण के बाद हुए वोटिंग के निर्णय में कांग्रेस पार्टी के साथ साथ तेलगू देशम पार्टी के मंसूबों पर पानी फिर गया . कुल मिला कर कहा जाय तो इस पूरे मामले में राहुल गाँधी और विपक्ष के सामूहिक प्रयासों का उल्टा असर पड़ गया है और देश की जनता को २०१९ से पहले मोदी की राजनीति पर बादशाहत को दिखा दिया . 

विपक्ष के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को 11 घंटों की लंबी बहस चली जिसके बाद मोदी सरकार ने सदन में अपना बहुमत साबित कर दिया है. वोटिंग के बाद सदन में विपक्ष का लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है. प्रस्ताव के पक्ष में कुल 126 मत पड़े जबकि विपक्ष में 325 मत पड़े.  वोटिंग से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में अपना प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास मोदी हटाओ ही एक मात्र मुद्दा है. मोदी के भाषण के दौरान टीडीपी और विपक्षी सांसद नारेबाजी और हंगामा करते रहे. मात्र १२६ वोटो के साथ विपक्ष की एकता ध्वस्त नजर होती आई . 

जनता के साथ इस अवसर पर राजनेताओं ने भी अपने बयान देने शुरू कर दिए हैं . भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह का बयान कुछ ऐसा रहा – परिवारवाद की नकारात्मक राजनीति के विरुद्ध लोकतंत्र की ज्योति को बरकरार रख, प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की सरकार में अपना विश्वास प्रकट कर सहयोग देने वाले हमारे सभी सहयोगियों, सभी राजनीतिक दलों और सभी सांसदों का मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से आभार व्यक्त करता हूँ। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि बिना बहुमत, बिना उद्देश्य वाली कांग्रेस और उसके भानुमति के कुनबे ने देश की जनता द्वारा चुनी हुई पूर्ण बहुमत की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला कर न सिर्फ अपने राजनीतिक दिवालियापन को दर्शाया है बल्कि देश के लोकतंत्र को कुचलने के कांग्रेस के पुराने इतिहास को भी दोहराया है।

इसके साथ अमित शाह जी ने कहा कि जनता के विश्वास में अविश्वास जताने वालों के अहंकार की आज लोकसभा में जो हार हुई है वह 2019 लोकसभा चुनावों के नतीजों की एक झलक मात्र है।”सबका साथ-सबका विकास” के अपने मंत्र के साथ सेवार्थ मोदी सरकार में न सिर्फ सदन के सहयोगियों का विश्वास है बल्कि देश की जनता का भी पूर्ण विश्वास है.  अविश्वास प्रस्ताव में मोदी सरकार की जीत लोकतंत्र की जीत और परिवारवाद की हार है। आज फिर परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण की जनक कांग्रेस ने देश की जनता द्वारा चुने एक गरीब परिवार में जन्मे आम व्यक्ति के प्रधानमंत्री बनने के प्रति अपनी नफरत और अस्वीकार्यता को पुनः प्रमाणित किया है।


 


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