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भारत की सेना का इससे बड़ा अपमान शायद ही हुआ हो पहले… करने वाला और कोई नहीं बल्कि एक पूर्व मुख्यमंत्री

अगर हम रात को बिना किसी भय के अपने घर में सुरक्षित नींद ले पाते हैं तो वो इसलिए क्योंकि सीमा पर भारतीय सेना के जवान अपनी जान पर खेलकर हिंदुस्तान तथा हिन्दुस्तानियों की रक्षा कर रहे होते हैं. जब हम अपने घरों में रात को चैन की नींद सो रहे होते हैं तब भारतीत सेना के जवान हमारी सुरक्षा के लिए जाग रहे होते हैं. हिंदुस्तान तथा हिंदुस्तान की जनता चैन से रहे, भयमुक्त रहे, सुरक्षित रहे, इसके लिए सेना के जवान अपना बलिदान देते हैं. लेकिन जब का कोई राजनेता जो खुद सेना की सुरक्षा में चलता है तथा उसी सेना को लेकर बेहद आपत्तिजनक बयान देता है, सेना का अपमान करता है तो देश के लिए इससे अधिक शर्मनाक बात कुछ नहीं हो सकती है.

लेकिन ऐसा हुआ है तथा देश के एक प्रतिष्ठित राजनेता ने सेना को लेकर बेहद हेई आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिसके बाद उनकी काफी आलोचना की जा रहे है. सेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने ववाली ये राजनेता है जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्तीजम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने देश की हिफाज में अपनी जान की बाजी लगा रहे भारतीय सेना और पुलिस की जवानों की तुलना देश और जनता को बर्बाद कर रहे आतंकवादियों के साथ ही। इतना ही नहीं महबूबा ने सेना और आतंकियों को एक ही कतार में खड़े करने का प्रयास किया है, जो बेहद ही निंदनीय है।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों ने राज्य पुलिस के कई परिजनों को अगवा कर लिया था तथा राज्य में हाई अलर्ट जारी करने के बाद अगवा किए गए पुलिस परिजनों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया. इसी मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ ने सेना पर बेहद आपत्तिजनक बयान दिया था. पुलिस परिजनों के अगवा किए जाने के मामले को लेकर महबूबा ने शुक्रवार को एक ट्वीट किया और कहा कि जवान और आतंकी दोनों एक दूसरे के परिजनों को परेशान कर रहे हैं. यहाँ महबूबा ने सीधे सीधे भारतीय सेना को आतंकियों के बराबर खड़ा कर दिया कि सेना के जवान भी लोगों को परेशान करते हैं. महबूबा के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हुई तथा लोगों ने उन्हें आड़े हाथों लिया.

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