कश्मीर के हिन्दुओं के बारे में आने वाली है वो खबर जो हर किसी को मजबूर कर देगा– “वाह मोदी जी वाह” कहने पर

केंद्र की मोदी सरकार कश्मीर से विस्थापित हुए हिन्दुओं(पंडित) के लिए वो ऐतिहासिक फैसला लेने जा रही जिसका दशकों से इन्तजार किया जा रहा था. वो फैसला जिसका इन्तजार न सिर्फ कश्मीर से विस्थापित हुए हिन्दू(पंडित) बल्कि हिन्दुस्तान का हर वो सनातनी कर रहा था जिसके दिल में सनातन के प्रति जरा सी भी आस्था है, जिसकी रगों में सनातनी लहू दौड़ रहा है. आपको बता दें कि सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि इस्लामिक जिहादी आक्रांताओं के कारण कश्मीर से विस्थापित होकर देश के अलग-२ कोनों में रह रहे हिन्दुओं की कश्मीर वापसी होने वाली है.

खबर के मुताबिक़, केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों को घर वापसी कराने जा रही है. कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों के लिए घर बनाने का काम शुरू हो गया है. सरकार इनके लिए क्लस्टर आधारित मकान बनाएगी. इन क्लस्टरों में हिन्दुओं के अलावा अन्य समुदाय के लोगों को रहने की इजाजत नहीं होगी. ये क्लस्टर घाटी की चारों दिशाओं में बनाए जाएंगे. जानकारी मिली है कि कश्मीर में हालात स्थिर होते ही सरकार घर वापसी पैकेज का ऐलान कर सकती है. इसके अलावा जो सबसे बड़ी खबर आ रही है वो ये है कि घर वापसी वाले प्रति हिन्दू परिवारों को 21-21 लाख रुपए देने की भी योजना है, ताकि वे फिर से कश्मीर में अपना कारोबार खड़ा कर सकें. गृह मंत्रालय अक्टूबर तक पैकेज देने की घोषणा कर सकता है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 62 हजार कश्मीरी पंडित घाटी छोड़कर देश के अन्य भागों में रह रहे हैं. सरकार के रुख को देखते हुए कश्मीरी पंडितों ने भी लामबंदी शुरू कर दी है. इनसे जुड़ी कश्मीरी समिति दिल्ली में 14 सितंबर, 2018 को देशभर के विस्थापित पंडितों की रैली करने जा रही है, ताकि सरकार के सामने अपनी मांगें रख सकें.

गौरतलब है कि कश्मीरी पंडितों के दर्द की चर्चा भाजपा के वरिष्ठ नेता खुलकर कर रहे हैं हैं. 22 जून को कैबिनेट मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग में लिखा था कि सभी कश्मीरी पंडितों को कश्मीर छोड़ना पड़ा. कश्मीरी युवाओं को नौकरी एवं पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ा है लेकिन अब उन्हें जल्द उनके घरों में वापस भेजा जायेगा. गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने बताया कि विस्थापित कश्मीरी पंडित भी घर वापस जाना चाहते हैं. वापसी के लिए मकान बनाने का काम शुरू हो गया है. बड़ी संख्या में मकान बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है. हालांकि, उन्होंने पूरी योजना का खुलासा करने से इनकार कर दिया. इसके अलावा सरकार डिस्ट्रेस सेल लॉ के तहत उनकी जमीन वापस दिलाने की योजना पर भी काम कर रही है. घाटी के दक्षिणी इलाके अनंतनाग, उत्तरी इलाके बारामुला और कुपवाड़ा में क्लस्टर बनाए जा रहे हैं. पूर्वी एवं पश्चिमी इलाके से लगे श्रीनगर में भी क्लस्टर बनाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, करीब एक साल पहले ही केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार ने घाटी में आठ स्थानों पर क्लस्टर के निर्माण के लिए 100 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली थी.

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