किसानों के लिए मोदी सरकार का ऐसा तोहफा जिसे पाकर पूरे भारतवर्ष में हर्ष की लहर..

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने अन्नदाता किसानों के हक में ऐतिहासिक फैसला लिया है. वो फैसला जिसकी उम्मीद देश का हर किसान काफी समय से कर रहा था. वो फैसला जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं तथा देश के किसानों ने एक सुर में मोदी सरकार को इस फैसले के लिए धन्यवाद किया है. आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने किसानों को उनकी फसल की लागत का न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP ) डेढ़ गुना देने की घोषणा की है. ज्ञात हो कि 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान किसानों से वादा किया किया था कि अगर उनकी सरकार आती है तो किसानों को उनकी फसल के लागत का डेढ़ गुना MSP देगी.

 


केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने मोदी सरकार के किसानों से किये गए वादे को पूरा करने की घोषणा करते हुए कहा कि  इस देश का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और ग्राहक किसान है, लेकिन किसानों को कभी भी उनकी कीमत नहीं मिली. मोदी जी ने इसको समझा है और किसानों को उनकी लागत का 1.5 गुना दिया जाएगा. राजनाथ सिंह जी ने कहा कि हमने किसानों से जो वादा किया था उसे हमने पूरा किया है. गृहमंत्री जी ने कहा कि मोदी सरकार सच्ची किसान हितैषी सरकार है तथा ये बात अच्छे से जानती है कि किसान दुखी रहेगा तो देश न तो आगे बढ़ सकता है और न ही देश उन्नति कर सकता है. किसी भी राष्ट्र की खुशहाली इस बात पर निर्भर करती है कि उस देश का किसान कितना खुशहाल है. श्री राजनाथ सिंह जी ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा से किसानों के हिट के लिए प्रयास करती रही है तथा अब किसानों की खरीफ की फसल का MSP डेढ़ गुना या उससे ज्यादा करके अपना वादा पूरा किया है.

गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने कहा कि एमएसपी बढ़ाने से सरकार के खजाने पर 15,000 करोड़ का बोझ पड़ेगा लेकिन सरकार लगातार किसानों के हित में काम करती रहेगी. राजनाथ सिंह ने अनुसार सीएसीपी की तय लागत का 50 परसेंट अधिक समर्थन मूल्य तय किया गया है. समर्थन मूल्य बढ़ाने से महंगाई नहीं बढ़ेगी, 4 साल से महंगाई दर नियंत्रण में है इसलिए आगे भी रहेगा. महंगाई दर बढ़ने के कई फैक्टर होते हैं, समर्थन मूल्य बढ़ाने से महंगाई बढ़ने की कोई आशंका नहीं है. गृहमंत्री जी ने सरकार सुनिश्चित करेगी कि किसानों को एमएसपी पर फसल बेचने में दिक्कत ना आए. राज्य सरकारों को मदद दी जाएगी, सुनिश्चित करेंगे की एमएसपी पर किसानों की फसल खरीदी जाए. लागत में बीज, खाद, उपकरण, मजदूरी, पट्टा की जमीन का किराया सब कुछ शामिल है. जमीन का मूल्य शामिल नहीं है.

खरीफ की फसल में धान और रागी को सबसे अहम माना जाता है. रागी पर सबसे अधिक 52.57 फीसदी एमएसपी बढ़ाई गई है. रागी का एमएसपी 1900 रुपए से बढ़ाकर 2897 रुपए प्रति क्विटंल किया गया है.इसके अलावा ज्वार पर 42 फीसदी एमएसपी बढ़ाई गई है. पहले ज्वार का समर्थन मूल्य 1700 रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब 2450 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. इसके अलावा बाजरे पर 36.8 फीसदी एमएसपी बढ़ाई गई है. बाजरे की एमएसपी पहले 1425 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर 1950 रुपये हो गई है. वहीं तुअर की एमएसपी में 4.1 फीसदी, उड़द की एमएसपी में 3.7 फीसदी और मूंग की एमएसपी 25 फीसदी बढ़ाई गई है.

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