एक बार फिर से #HamidAnsari ने दिखाया अपना वही रंग जिसे सबसे पहले दिखाया था सुदर्शन न्यूज ने .. अलीगढ़ पर अंसारी के जहरीले बोल

मोहम्मद हामिद अंसारी जो 10 साल तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे हैं. देश में उपराष्ट्रपति का पद का दुसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पड़ होता है. देश के दुसरे शीर्ष संवैधानिक पद पर रहे हामिद अंसारी ने अलीगढ़ मुस्लिम विद्यालय में जिन्ना की तस्वीर पर मचे बवाल के बीच जहरीला बयान दिया है. मोहम्मद हामिद अंसारी ने अलीगढ़ छात्र संघ के अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने AMU में हुई घटना की टाइमिंग को प्रायोजित बताया है तथा जिन्ना की तस्वीर के समर्थन में AMU के छात्रों के धरने को भी जायज बताया है.

AMU को लेकर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपना वही रंग दिखाया है जिसे सुदर्शन ने सबसे पहले दिखाया था. ये वही मोहम्मद हामिद अंसारी हैं जिन्होंने कई गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल इस्लामिक संगठन PFI का समर्थन किया था. ये वही हामिद अंसारी हैं जिन्होंने राष्ट्रध्वज तिरंगे को सलामी नहीं दी थी. ये वही हामिद अंसारी हैं जिन्होंने अपने रिटायरमेंट से ठीक पहले हिन्दुस्तान में सदियों से सुरक्षित रहे मुसलमानों को असुरक्षित बता दिया था. हर बार सुदर्शन ने हामिद अंसारी का ये चेहरा देश को दिखाया था तथा अब हामिद अंसारी ने AMU पर अपने ताजा बयान से सुदर्शन को अक्षरशः सत्य साबित किया है.

हामिद अंसारी ने AMU छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर उस्मानी को लिखे पत्र में सबसे पहले उसका आभार प्रकट किया है. हामिद अंसारी ने लिखा है कि 2 मई को उन्हें AMU छात्र संघ द्वारा आजीवन सदस्यता प्रदान की जानी थी जिन्ना की तस्वीर को लेकर बावलियों द्वारा मचाये गये के कारण कार्यक्रम टालना पड़ा. साथी ही अपने पत्र में हामिद अंसारी ने AMU छात्र संघ द्वारा धरने को जायज बताया है. जरा सोचिये कि पूर्व उपराष्ट्रपति देश को बाँटने वाले जिन्ना की तस्वीर उतारने की मांग कर रहे छात्रों को तो बावली बता रहे हैं वहीं जो छात्र धरना दे रहे हैं उसको जायज बता रहे हैं. इसके हामिद अंसारी की वही मंशा तथा मानसिकता एक बार फिर से उजागर हुई है जिसे लेकर सुदर्शन काफी पहले देश को बता चुका है.


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