विरोध की आंधी में #Kathua के हिन्दुओं को साथ मिला एक बड़ी सामजिक कार्यकर्ता का.. सबने कहा- “कोई तो है जिसने सुनी हिंदुओं की आवाज”

जम्मू का कठुआ मामला हिन्दू विरोधी मानसिकता रखने वालों के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर आया. इस मामले की आड़ में हिन्दू विरोधियों ने न सिर्फ कठुआ के बल्कि पूरे देश के हिन्दू समुदाय को ही बलात्कारी, अपराधी साबित करने की कोशिश की. लेकिन अब हर तरफ से विरोध का सामना कर रहे कठुआ के हिन्दुओं को एक बड़ी सामाजिक कार्यकर्ता का साथ मिला है जो इस मामले की सबिन जाँच की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गयी हैं, जिसके बाद कठुआ के हिन्दुओं ने उनका धन्यवाद भी किया है तथा कहा है कि चलो कोई तो है जो आज हिन्दुओं के समर्थन में खड़ा है.

खबर के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट द्वारा कठुआ मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआइ) जांच की मांग ठुकराने के बीच इसको लेकर सामाजिक व आध्यात्मिक कार्यकर्ता रेणुका शर्मा ने राजघाट के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बेगुनाहों को बलि का बकरा बनाया है, जिसके चलते पीड़ितों के साथ ही उनका परिवार बर्बादी की कगार पर आ गया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कठुआ जाकर पुलिस के दावों की हकीकत जांची थी, जिसमें कई खामियां मिलीं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को धार्मिक मोड़ देकर देश की एकता व अखंडता पर भी प्रहार किया जा रहा है.

अनशन स्थल पर कठुआ मामले में आरोपित बनाए गए छात्र विशाल जन्गोत्रा की बहन भी शामिल रहीं. विशाल जन्गोत्रा की बहन ने कहा कि उनके भाई को जिस दिन तथाकथित दुष्कर्म के लिए कठुआ पहुंचना बताया जा रहा है. उस दिन वह बिजनौर में एटीएम के सीसीटीवी में नजर आया है. उस दिन वह अपने कॉलेज भी गया और रात में अपने किराये के कमरे में सोया. इसके पुख्ता प्रमाण है, लेकिन पुलिस साजिशन उसे दुष्कर्म मामले में फंसा रही है. रेणुका शर्मा ने कहा कि जीवन में कठिनाइयाँ आती हैं लेकिन हिम्मत नहीं हारनी चाहिए. उन्होंने विशाल जन्गोत्रा की बहिन से कहा कि वः मामले की सीबीआई जांच के लिए अंत तक संघर्ष करेंगी तथा विरोधियों की साजिश को कामयाब न होने दिया जायेगा.

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