गौरक्षकों के साथ मैंने सही किया या गलत.. इसको राहुल गांधी खुली बहस में साबित कर लें– जयंत सिन्हा

झारखण्ड के रामगढ़ में हुई गौहत्यारे अकलीमुद्दीन की ह्त्या में आरोपी बनाये गए गौरक्षक जब जमानत पाकर जेल से बहार आये तो केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने उन्हें अपने आवास पर बुलाकर उनका स्वागत किया. इसके बाद तमाम राजनैतिक दलों ने जयंत सिन्हा की आलोचना की थी तथा उन पर आरोप लगाया था कि केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा दंगाइयों का स्वागत करके साम्प्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं.

लेकिन जयंत सिन्हा ने इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर पलटवार किया है. रामगढ़ हत्याकांड के दोषियों को फूल मालाएं पहनाने के कारण विवाद में घिरे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस मुद्दे पर सीधी बहस की चुनौती दी. जयंत सिन्हा ने ट्विटर के माध्यम से पूरे मामले पर खेद जताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को यदि लगता है कि उनका व्यक्ति आचार-व्यवहार सही नहीं है तो उन्हें मामले में सभ्य तरीके से बहस करनी चाहिए. मोदी सरकार में नागर विमानन राज्य मंत्री सिन्हा ने लिखा है, “मैं श्री राहुल गांधी जी को सीधी बहस का न्योता देता हूं. राहुल गांधी मेरे सामने आएं तथा मॉब लॉन्चिंग पर मुझसे बहस करें और मुझे गलत साबित करें.

जयंत सिन्हा ने लिखा है, “(राहुल) गांधी को अपने सोशल मीडिया हैंडल के पीछे छुपकर लुका-छुपी वाली राजनीति से बाहर निकलने दें…।” केन्द्रीय मंत्री ने राहुल की टिप्पणी पर लिखा है, कांग्रेस अध्यक्ष ने उन पर “व्यक्तिगत स्तर’ पर हमला किया है. उन्होंने लिखा है, “उन्होंने मेरी शिक्षा, मूल्यों और मानवता की निंदा की है। मैं उन्हें रामगढ़ हत्याकांड मामले पर हिन्दी या अंग्रेजी भाषा में सीधी बहस करने की चुनौती देता हूं.

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