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फारुख अब्दुल्ला की चुनौती का जवाब दिया करणी सेना ने.. स्वतन्त्रता दिवस पर करणी सेना अध्यक्ष ने काश्मीर लाल चौक पर फहराया तिरंगा

वो सोमवार 27 नवम्बर 2017 का दिन था जब नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख तथा जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने खुली चुनौती दी थी कि हिम्मत है तो कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराकर दिखाएँ. फारुख अब्दुल्ला ने केंद्र की मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा था कि प्रधानमन्त्री मोदी तथा उनकी सरकार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में तिरंगा फहराने की बातें करने से पहले श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर दिखाए. फारुख अब्दुल्ला ने कहा था कि किसी में हिम्मत है तो वह कश्मीर आये तथा लाल चौक पर तिरंगा फहराकर दिखाए.

फारुख अब्दुल्ला की ये चुनौती देश के राष्ट्रवादी समाज को तीर की तरह चुभी तथा फारुख अब्दुल्ला कीं चुनौती को स्वीकार किया श्री राष्ट्रीय राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने. श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुखदेव सिंह गोगामेडी ने अब्दुल्ला की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा कि फारुख अब्दुल्ला! कश्मीर तुम्हारे बाप का नहीं है जो वहां तिरंगा नहीं फहराया जाएगा. उन्होंने कहा कि में फारुख अब्दुल्ला का चैलेन्ज स्वीकार करता हूँ तथा वादा करता हूँ कि 15 अगस्त को कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने आउंगा, अगर फारुख अब्दुल्ला में हिम्मत है तो मुझे रोककर दिखाए. इसके बाद आज आज अगस्त को करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपना वादा पूरा किया तथा कश्मीर जाकर तिरंगा फहराया.

आपको बता दें कि 11 अगस्त को श्री सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के नेतृत्व में करणी सेनिकों का काफिला कश्मीर में लालचौक पर तिरंगा फहराने के लिए निकला था. कल 14 अगस्त को यात्रा को जम्मू बॉर्डर पर पुलिस ने रोक दिया तथा जम्मू में प्रवेश नहीं करने दिया. लेकिन बाद गोगामेड़ी अपने कुछ साथियों के साथ किसी तरह कश्मीर पहुँच गये तथा आज कश्मीर के लालचौक जाकर तिरंगा फहराया. तिरंगा फहराने के बाद श्री सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने कहा कि कल से ही जिहादी उन पर नजर रखे हुए थे लेकिन उन्हें आपने देश की सेना पर विश्वास था कि देश की सेना के बीच में कोई उनका बाल बांका नहीं कर सकता है. इसके बाद आज उन्होंने लाल चौक जाकर तिरंगा फहराया तथा फारुख अब्दुल्ला को जवाब दिया है कि भले ही हम राजपूत संगठन से हैं लेकिन जब जब देश की अस्मिता की बात आयेगी, तिरंगे की बात आयेगी तथा हिंदुस्तान का खाकर पाकिस्तान का गुणगान करने वाला कोई भी जिहादी देश को चुनौती देगा तो वह देश के स्वाभिमान के लिए प्राणों का बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे. 

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