अब अरुण जेटली के आगे घुटने टेके केजरीवाल ने… आप कार्यकर्ताओं में असंतोष की लहर

आम पार्टी के संयोजक तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मानहानि मामले में माफी मांग ली है. शायद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अब माफी मागने का एक नया अभियान चला रहे हैं. अरविन्द केजरीवाल इससे पहले अकाली दल नेता विक्रम मजीठिया, कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल तथा एक और भाजपा नेता तथा केन्द्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी से भी माफी मांग चुके हैं. अरविन्द केजरीवाल के इस माफीनामा अभियान के कारण आम आदमी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं में काफी रोष तथा असंतोष की भावना है.

गौरतलब है कि अरविन्द केजरीवाल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर DDCA में उनके अध्यक्ष रहने के दौरान घोटाले के आरोप लगाये थे जिसके बाद अरुण जेटली ने केजरीवाल पर 10 करोड़ रूपये की मानहानि का केस किया था. केस में फंसने तथा रोपों को साबित न कर पाने के बाद अब अरविन्द केजरीवाल ने अरुण जेटली को पात्र लिखकर माफी माँगी है. अरविन्द केजरीवाल ने अरुण जेटली को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा है “मैंने वर्ष 2015 में डीडीसीए से जुड़े जो भी आरोप आप पर लगाए. वह मुझे कुछ लोगों से मिली जानकारियों के आधार पर लगाए. हाल ही में मुझे पता चला कि वह जानकारी गलत थी और मुझे गुमराह किया गया था. ऐसे में बगैर किसी सवाल के मैं सोशल मीडिया व लिखित तौर पर लगाए गए अपने सभी आरोपों को वापस लेता हूं. मेरे द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण आपकी और आपके परिवार की प्रतिष्ठा में कोई क्षति पहुंची तो इसके लिए माफी मांगता हूं. इसके साथ ही अदालत में बहस के दौरान उनके वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी द्वारा की गई टिप्पणी के लिए भी उन्होंने माफी मांगी और कहा, न तो उन्हें इसकी जानकारी थी और न ही उन्होंने ऐसा करने के निर्देश दिए थे. हम दो अलग दल हैं और हमें एक-दूसरे के विवाद को खत्म करके अपनी योग्यता के हिसाब से जनता की सेवा करना चाहिए.”

अरविन्द केजरीवाल के इस फैसले के बाद न सिर्फ आप कार्यकर्ता बल्कि दिल्ली की जनता भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है. आम जनता तथा आप कार्यकर्ताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने उनकी भावनाओं से खिलवाड़ किया है. फले केजरीवाल ने स्वयं को ईमानदार बताकर एकतरफ से सारे नेताओं पर घोटाले के आरोप लगाये, जिसके बाद उन्हें लगा कि अरविन्द केजरीवाल एक ईमानदार नेता हैं लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल का झूठ सामने आ गया कि उन्होंने अपनी राजनीती चमकाने के लिए झूठे आरोप लगाकर सत्ता हथियाई और अब अब सबसे माफी मांग रहे हैं कि उनके आरोप झूठे थे व कोई घोटाला नहीं किया गया.

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