आखिर कौन है वो विश्नोई समाज जिसने हिरन के हत्यारे #SalmanKhan को सुंघा दी जमीन.. गर्व करेंगे आप उनके बारे में जान कर

उन्हें कोई नही खरीद सकता और कोई झुका भी नहीं सकता क्योंकि हिरन के हत्यारे सलमान खान के पास पैसा भी अथाह था और पहुच भी बहुत ऊपर तक थी .. इसके अलावा दाऊद इब्राहिम के साथ रिश्ते भी माने जाते रहे ..भले ही खुद को कला प्रेमी और तथाकथित सेकुलर नाम से मानने वालों ने दिन रात एक कर के सलमान खान के लिए दुआ मांगी रही हो लेकिन विश्नोई समाज अड़ा रहा सत्य और न्याय पर और जारी रखेगा अपनी इस जंग को ..

हिंदुओं में विश्नोई एक ऐसा वर्ण है जिसमें देहावसान के बाद पार्थिव देह को गढ़ा खोद के दफनाया जाता है. वजह बस इतनी सी है कि पार्थिव देह को जलाने में पेड़ काटकर लकड़ियों का उपयोग होता है , जो विश्नोई समाज के लिए नागवार है , क्योंकि ये पर्यावरण प्रकृति एवं वन्य जीव प्रेमी कौम है ..

मादा हिरण यदि मर जाये तो उसके शावकों को विश्नोई समाज की महिलाएं अपने बच्चे की तरह पालती है. इंडियन वाइल्ड लाइफ एक्ट के अनुसार दुर्लभ वन्य जीवों को पकड़ना/बांधना गैर कानूनी है. किंतु विश्नोई समाज के आंगन में हिरणों के बच्चे ऐसे खेलते हैं जैसे कोई परिवार/घर मे पैदा हुआ बच्चा खेलता है.. 200 वर्ष पूर्व मारवाड़ (जोधपुर) के महाराजा ने अपने राज्य में पेड़ काटने का आदेश जारी किया. शाही हलकारो कामगारों ने आदेश का पालन करते हुए पेड़ काटने शुरू किए.. पेड़ काटते हुए वो एक दिन विश्नोईयों के एक गांव में पहुंचे एवं अमृता विश्नोई के खेत से खेजड़ी का पेड़ काटने लगे.. अमृता विश्नोई एवं उनकी 2 बेटियां उन पेड़ों से चिपक गयी. मारवाड़ के शाही हलकारो ने अमृता विश्नोई एवं उनकी बेटियों के हाथ काट डाले.

आंदोलन हुआ पेड़ बचाओ. इस पूरे आंदोलन में 84 गाँवो के 300 से ज्यादा विश्नोईयों ने अपनी जान दी.  बात जब जोधपुर के महाराजा तक पहुंची तो वो खुद अमृता विश्नोई के घर आये एवं माफी मांगी. पेड़ काटने का शाही आदेश वापस लिया .खेजड़ी को रेगिस्तान का राजकीय वृक्ष घोषित किया ..विश्नोई समाज खेजड़ी को कल्प-वृक्ष मानकर पूजा करता है ..

राजीव गांधी ने जोधपुर से सटे मथानिया गांव में कहा था किसानों को जब लाल मिर्च से ज्यादा फायदा है तो हरी मिर्च की खेती क्यों करते हैं ? मथानिया गांव विश्नोईयों का गांव है एवं यहां की लाल मिर्च विश्व प्रसिद्ध है.. 1998 में इसी मथानिया गांव में सलमान खान ने फायरिंग से एक काले हिरण (दुर्लभ चिंकारा) की हत्या कर दी थी..  तुरंत विश्नोई समाज ने सलमान खान का पीछा शुरू किया . आगे सलमान खान की जीप पीछे विश्नोई समाज की गाड़ियां बाइक्स . जोधपुर शहर की सड़कों पे आधी रात को सनसनी फैल गयी .

सलमान खान ने उम्मेद भवन प्लेस पहुंच के ही दम लिया.  सलमान की किस्मत अच्छी थी कि वो उस दिन विश्नोईयों के हत्थे नहीं चढा वरना फैसला कुछ और ही होता. पर वन्य जीव एवं पेड़ पर्यावरण प्रेमी कौम विश्नोई समाज ने हार नहीं मानी, सलमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया. लोग ज़मीन जायदाद खेत खलिहान मकान के लिए जितनी लम्बी अवधि तक मुकदमा नहीं लड़ते . उतनी लम्बी अवधि तक एक निरीह मासूम हिरण के लिए विश्नोई समाज ने मुकदमा लड़ा ..

विश्नोई समाज की तरफ से पैरवी अधिवक्ता उम्मेद सिंह भाटी (राजपूत) ने की एवं विश्नोई समाज को न्याय दिलाया .. सलमान खान आज जमानत पर है पर विश्नोई समाज सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेगा .. सलमान खान के चेहरे पे शिकन साफ देखी जा सकती है क्योंकि गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई ने सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी है …. हालांकि लॉरेंस खुद अभी भरतपुर जेल में बन्द है ..

मारवाड़ (जोधपुर) और बीकानेर स्टेट में लाइन से सैंकड़ों गांव विश्नोई समाज के बसे हुए हैं. सेना पुलिस एवं अन्य उच्च सरकारी पदों पे विश्नोई समाज के युवा काबिज़ है.. इनका मुख्य कार्य खेती बाड़ी एवं पशुपालन है . शारीरिक कद काठी से विश्नोई लंबे मजबूत बाहुबली होते हैं .इनकी और जाटों की गोत्र सम (समान/एक जैसी) होती है . नमन कीजिये अपने धर्म के ऐसे जीवट लोगों को जिन्होंने धर्म ध्वज को ऐसे मजबूती से पकड़ रखा है जिस पर न कोई डर का जोर चला और न ही ग्लैमर का ..

राजस्थान आने वाले देशी विदेशी सैलानियों को ये ख्याल रखना चाहिए …. हमारी मेहमान-नवाजी विश्व प्रसिद्ध है किंतु आप हमारे यहां आ कर पर्यावरण एवं वन्य जीवों को नुकसान नहीं पहुंचा सकते …. और यदि आपने ऐसा किया और गलती से विश्नोई समाज के हत्थे चढ़ गए तो फैसला ऑन द स्पॉट ही होता है ……………………… धाँय …. 

विश्नोई समाज के इस संघर्ष को हार्दिक साधुवाद ….

विश्नोई समाज के इस संघर्ष में सम्पूर्ण भारत उनके साथ है !!!! ….

साभार — रितेश भाई

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