यादों में अटल: जब अमेरिका तथा पूरी दुनिया के सामने अटल हो गए थे अटल जी और हिंदुस्तान बन गया था परमाणु सम्पन्न राष्ट्र


पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद पूरा भारत शोक में डूबा हुआ है. देश अभी भी विश्वास नहीं कर पा रहा है कि कालजयी अटल अब हमारे बीच नहीं है लेकिन अटल जी अब हैं तो सिर्फ यादों में, हमारे दिलों में. अब अटल जी नहीं बल्कि उनकी यादें उनकी स्मृतियां ही शेष हैं. अपने राजनैतिक जीवन तथा प्रधानमंत्री बने रहने के दौरान अटल जी ने जो काम किये उसमें सबसे ज्यादा चर्चा परमाणु परीक्षण की होती है. परमाणु परीक्षण एक ऐसा मिशन था जिसने दुनिया में हिंदुस्तान की धाक जमाई तथा तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों की परवाह किये बिना हिंदुस्तान को परमाणु सम्पन्न देश बनाया तथा दुनिया को संदेश दिया कि हिंदुस्तान अपनी सुरक्षा के साथ कभी समझौता नहीं करेगा.
वो 1 मई 1998 का दिन था जब भारत ने तीन परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था. इसके दो दिन बाद दो परमाणु परीक्षण और किए गए. तीन दिन में पांच टेस्ट हुए, जो सफल रहे. इस सफलता के बाद वैज्ञानिकों और देश में जश्न का माहौल था. सफल परीक्षण के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र घोषित कर दिया था. ये देश के लिए गर्व की बात थी. राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर के पोखरण की वो सुबह बहुत शांत थी, हवा बह रही थी… तभी कुछ निर्देश दिए गए और ट्रक, बुलडोजर खोदे गए कुओं की ओर बढ़ने लगे. कुछ ही पलों में मशीनों की तेज आवाजें सुनाई देने लगीं. थोड़ी ही देर में कुएं में न सिर्फ बालू भर दी गई बल्कि इनके ऊपर बालू के छोटे छोटे पहाड़ भी बना दिए गए. इनसे मोटे-मोटे तार निकले थे. इनमें थोड़ी ही देर में आग लगा दी गई और इसके बाद एक तेज विस्फोट हुआ. इस विस्फोट से मशरूम के आकार का स्लेटी रंग का बादल निकला. करीब 20 लोग बड़ी उम्मीद से इसे निहार रहे थे. इतने में इन वैज्ञानिकों में से एक ने जोर से कहा, ‘Catch us if you can’, यानी ‘पकड़ लो अगर हमें पकड़ सको’… इसके बाद वहां हंसी के ठहाके गूंजने लगे. उनका मिशन कम्पलीट हो चुका था.
परमाणु परीक्षण 11 मई 1998 के दिन तपती दोपहर में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सरकारी निवास के ड्रॉइंग रूम में छह लोग (अटल बिहारी, गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, रक्षामंत्री जॉर्ज फर्नांडिस, वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा आैर प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव बृजेश ) बैठे हुए थे. सभी तनाव में थे कि क्या हाेगा. करीब 3 बजकर 55 मिनट पर कलाम ने जैसे ही प्रधानमंत्री वाजपेयी को हॉटलाइन पर ‘बुद्ध फिर मुस्कराए’ का संदेश देकर लाइन काटी सभी गदगद हाे गए. आडवाणी गीली हो आईं आंखों को पोंछते नजर आए तो वाजपेयी जी ने भी फाेन पर भावुक आवाज में वैज्ञानिकों को बधाई दी, जिनके बलबूते ये काम मुमकिन हो पाया था. इसके बाद पूरा देश जश्न में डूब गया. लेकिन हिन्दुस्तान का परमाणु पोखरण मिशन इतना आसान नहीं था बल्कि इस पर अमेरिका की एजेंसी CIA की नजर थी. भारत का ये सीक्रेट मिशन अमेरिका की एजेंसी CIA की सबसे बड़ी इंटेलिजेंस असफलता माना जाता है. विस्फोट के बाद अमरीका ने अपनी सैटेलाइट से ली गई तस्वीरें डाउनलोड कीं. उनके वैज्ञानिकों के बीच यही चर्चा रही कि आखिर इतने गोपनीय तरीके से भारतीयों ने इस परमाणु टेस्ट को कैसे अंजाम दिया? दरअसल भारतीय सेना की 58 इंजीनियर रेजीमेंट को खास तौर पर इस काम के लिए चुना गया था. इस रेजीमेंट के कमांडेंट थे कर्नल गोपाल कौशिक. भारत के परमाणु हथियारों का परीक्षण इन्हीं के संरक्षण में होना था.
साथ ही उन पर जो सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी, वो थी इस मिशन को सीक्रेट रखना. जिसे उन्होंने व उनकी रेजीमेंट ने इतने अच्छे से निभाया कि भारत ने मई, 1998 में जो पांच परमाणु हथियारों का परीक्षण किया, उसे CIA की सबसे बड़े इंजेलिजेंस असफलताओं में से एक माना जाता है. भारत के पोखरण पर नजर रखने के लिए अमरीका ने अरबों रुपए खर्च किए थे. इसके लिए अमरीका ने चार सैटेलाइट लगाए थे फिर भी भारतीय वैज्ञानिकों ने सीक्रेट तरीके से आॅपरेशन को अंजाम दिया. इन सैटेलाइट्स के बारे में कहा जाता था कि ये जमीन पर खड़े भारतीय सैनिकों की घड़ी में से समय भी देख सकते हैं लेकिन अटल जी के कुशल नेतृत्व में भारतीय वैज्ञानिकों ने CIA को धता बताते हुए हिंदुस्तान को परमाणु सम्पन्न देश बनाया. इसके बाद अमेरिका, जापान सहित दुनिया के कई देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाए लेकिन अटल जी ने इसकी परवाह नहीं की तथा अंत में अटल इरादों वाले अटल जी के सामने अमेरिका सहित पूरी दुनिया झुकी तथा न सिर्फ प्रतिबंध हटे बल्कि हिन्दुस्तान का समर्थन भी किया. इस पोखरण परीक्षण की एक और खास बात ये थी कि इसमें शामिल वैज्ञानिकों को आर्मी की वर्दी में राजस्थान ले जाया गया था ताकि कोई देखे भी आर्मी वाला समझे. बाद में डॉ. कलाम साहब सहित कई वैज्ञानिकों की आर्मी वर्दी में  फोटो भी जारी हुई थी

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