राफेल में देश का बहुत बड़ा नुकसान बचा लिया मोदी सरकार ने.. खुलासे के बाद खामोश हुई कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी इस समय मोदी सरकार पर राफेल विमान की डील को हमलावर है. कांग्रेस का कहना है की मोदी सरकार ने फ्रांस से राफेल विमान महंगी दरों पर खरीदे हैं जबकि मनमोहन सरकार में इससे काफी कम में डील हुई थी. अब कांग्रेस के इस आरोप पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है तथा कहा है कि राफेल की डील में मोदी सरकार ने देश का बड़ा नुकसान होने से बचाया है तथा यूपीए सरकार से बेहद कम दरों में राफेल खरीदे हैं.

केंद्र की मोदी सरकार ने राफेल डील की कीमतों के बारे में गलत जानकारी देने वाले कांग्रेस के आरोपों को नकार दिया है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि 2011 में कांग्रेस के शासन में हुई डील में एक राफेल जेट की कीमत 813 करोड़ रुपए रखी गई थी. 2016 में हमारी सरकार के दौरान हुए समझौते में इसकी कीमत 739 करोड़ रुपए तय हुई. जो यूपीए सरकार की कुल कीमत से 9% कम है. हर विमान पर 67 करोड़ रुपए की बचत होगी. रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को ट्विटर पर कहा, “एके एंटनी 8 साल तक देश के रक्षामंत्री थे, वे देश के रक्षा क्षेत्रों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को समझते हैं. लेकिन जब एक पार्टी किसी परिवार के इर्द गिर्द हो जाती है, तो सभी नेताओं को भीड़ की तरह ही बोलना पड़ता है. 2004 से 2014 तक कांग्रेस की सरकार भ्रष्टाचार से ग्रस्त थी. आज जब हम ईमानदारी से काम कर रहे हैं. देश विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था बन रही है. राहुल ने राफेल डील के बारे में लोकसभा में झूठ बोला. फ्रांस के राष्ट्रपति से बातचीत को लेकर बोले गए झूठ ने तो मनमोहन सिंह और आनंद शर्मा को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. राहुल को देश की संवेदनशील मुद्दों की कितनी समझ हैं? जनता ये समझ गई है. उन्होंने कहा कि राफेल पर कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद है तथा मोदी सरकार ने मनमोहन सरकार से महंगे नहीं बल्कि सस्ती ड्रोन पर राफेल खरीदे हैं.

गौरतलब है कि  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील में कई बार मोदी सरकार पर घोटाले का आरोप लगा चुके हैं.  शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल ने कहा था- ”रक्षा मंत्री कहती हैं कि फ्रांस के साथ करार के चलते वे दाम नहीं बता सकतीं. हालांकि, फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुझे बताया कि ऐसा कोई करार भारत-फ्रांस के बीच नहीं है जो कहे कि आप हवाई जहाज के दाम नहीं बता सकते. प्रधानमंत्री के दबाव में आकर निर्मला सीतारमण ने देश से झूठ बोला. हालाँकि राहुल के बयान को फ्रांस सरकार ने खारिज कर दिया था तथा कहा था.

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