ब्लास्ट के आतंकी तक को मिल गया था चुनाव लड़ने का टिकट… तारिक 2009 में इस पार्टी का था प्रत्याशी


साल 2007 के कचहरी ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आतंकी तारिक काजमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. तारिक काजमी को आजीवान कारावास की सजा के फैसले के बाद आपको ये जानना भी जरूरी है कि एक समय इसी आतंकी को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए एक राजनैतिक दल ने टिकट दिया था. आपको बता दें कि आतंकी तारिक काजमी को 2009 में नेशनल लोकतान्त्रिक पार्टी द्वारा आजमगढ़ सीट से प्रत्याशी घोषित किया गया था लेकिन बाद में कोर्ट से परमीशन न मिलने के कारण आतंकी तारिक नामांकन नहीं कर सका था.

बता दें कि 23 नवंबर 2007 को वाराणसी, फैजाबाद, लखनऊ की कचहरी में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे. इस ब्लास्ट के बाद आजमगढ़ में एक लावारिश कार मिली थी. इसके बाद तारिक काजमी की बाराबंकी से गिरफ्तारी हुई. उस समय उलेमा कौंसिल का उदय नहीं हुआ था और नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी ने गिरफ्तारी को बड़ा मुद्दा बनाया था तथा कहा था मुस्लिमों को प्रताड़ित किया जा रहा है तथा उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है. उस समय नेलोपा के लोगों ने एसटीएफ पर आरोप लगाया था कि तारिक की गिरफ्तारी चेकपोस्ट आजमगढ़ के पास से उस समय की गई जब वह इस्तेमा में शामिल होने जा रहा था. इसे लेकर पार्टी ने लगातार धरना प्रदर्शन किया. इसके बाद वर्ष 2008 में बीनापारा के अबू बसर की गिरफ्तारी हुई. फिर बटला एनकाउंटर हुआ जिसमें जिले के दो युवक मारे गए. फिर आतंकी वारदातों में यहां के लोगों के शामिल होने का खुलासा होना शुरू हो गया तथा बटला एनकाउंटर के बाद उलेमा कौंसिल का जन्म हुआ.

वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई तो उलेमा कौंसिल ने आतंकी वारदातों में शामिल लोगों को बेगुनाह बताते हुए चुनाव मैदान में कूदने का फैसला किया और आजमगढ़ से इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी के पिता डा. जावेद अख्तर को प्रत्याशी बनाया.  वहीं दूसरी तरफ नेलोपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. अरशद खान ने लखनऊ में स्थित पार्टी कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में आतंकी तारिक को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया और कहा कि 24 मार्च को कोर्ट का परमीशन मिलने पर 25 मार्च को नामांकन किया जायेगा लेकिन कोर्ट से परमिशन न मिलने के कारण तारिक का नामांकन नहीं हो सका. जिस आतंकी तारिक को नेलोपा ने बेगुनाह बताते हुए सांसद बनाने का प्रयास किया था, आज वही सुप्रीम कोर्ट द्वारा आजीवन काल के लिए जेल में डाला जा चुका है.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...