Breaking News:

भारत के अस्तित्व पर सवाल उठाकर एक नेता ने पार कर दी अंतिम सीमा भी… समूचे राष्ट्र में आक्रोश..

पूर्व राजनयिक तथा कांग्रेस नेता मणिशकर अय्यर अक्सर ऐसे ब्यान देते रहते हैं जो न तो राजनैतिक रूप से उचित होते हैं और न ही सामजिक रूप से. खैर मणिशंकर अय्यर ही नहीं बल्कि कांग्रेस में एक से एक धुरंधर नेता हैं जो समय समय पर अपनी राजनीति में इतने ज्यादा अंधे हो जाते हैं कि कभी हिन्दू विरोधी तो कभी देश विरोधी बयान देने लगते हैं. हाल ही में कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता शशि थरूर ने कहा था कि अगर अगले आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी जीतती है तो भारत हिन्दू पाकिस्तान बन जाएगा. लेकिन अब मणिशंकर अय्यर ने एक ऐसा बयान दिया है जिस पर राजनैतिक घमासान तो मचा ही है, साथ ही पूरे देश से उनके खिलाफ आक्रोश के स्वर उठे हैं.

आपको बता दें कि मणिशंकर अय्यर ने इस बार हिंदुस्तान के अस्तित्व पर ही साल खड़े कर दिए हैं. पूर्व राजनयिक और कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर ने मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि पहली बार भारत पर प्रश्न चिन्ह लगा है. 66 साल में देश के लोगों ने जो अनोखा लोकतंत्र बनाया था, अब पिछले चार साल के शासनकाल में लगने लगा है कि वह भारत रहेगा या नहीं. शनिवार को कॉन्स्टिटूशन क्लब में मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल पर तैयार की गई रिपोर्ट ‘डिस्मेंटलिंग इंडिया: ए फोर ईयर रिपोर्ट’ के विमोचन पर बोलते हुए अय्यर ने यह बात कही है. केंद्र सरकार की मौजूदा नीति पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, आज न तो देश के आंतरिक हालात ठीक हैं और न ही विदेश नीति मजबूत हो सकी है. मणिशंकर अय्यर ने कहा कि कि सवाल उठे लगा है कि भारत मूल भारत रहेगा भी या नहीं.

मणिशंकर अय्यर ने कहा कि राष्ट्रवाद, संविधान, वसूल, परम्पराएं, विरासत, संस्कृति और इतिहास पर एक चुनौती है. ये संस्थाएं और मान्यतायें, आगे बच पाएंगी, इसमें संदेह है क्योंकि सरकार इतिहास बदलने के प्रयास कर रही है, हिंदुस्तान के स्वरूप को ही बदलने का प्रयास कर रही है. पड़ोसी देशों, चीन, भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्तों पर बोलते हुए अय्यर ने कहा, आज इन राष्ट्रों के साथ सम्बंध अच्छे नहीं हैं. इन राष्ट्रों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पूरी तरह फेल रही है. इसके अलावा मणिशंकर अय्यर ने 2019 पर चुटकी लेते हुए कहा, आज केवल वही राजनीति में आयें, जो हार का सामना करने को तैयार हैं। वैसे पता किसी का कुछ नहीं है, कौन कब क्या बन जाए. केजरीवाल ने दिखा दिया कि वो जीत सकता है, मोदी ने भी दिखा दिया कि वे जीत सकते हैं, हो सकता है कि कल राहुल गांधी दिखा दें कि वो भी जीत सकते हैं.

Share This Post