जानिए क्या है “लाल किला” से 70 साल बाद पहली बार तिरंगा हटाने की सच्चाई, जिसे लेकर बदनाम किया जा रहा #NarendraModi की सरकार को..


हाल ही में “अडॉप्ट ए हेरीटेज” योजना के तहत “डालमिया ग्रुप” ने ऐतिहासिक इमारत “लाल किला” को 5 साल के लिए कांट्रेक्ट पर गोद ले लिया है. जब ये खबर सामने आयी कि लाल किला डालमियां ग्रुप ने गोद ले लिया है, उसके बाद देश की राजनीति गरमा गयी तथा भाजपा की विरोधी राजनैतिक पार्टियाँ केंद्र सरकार पर हमलावर हो गईं तथा आरोप लगाया जाने लगा कि सरकार ने लाल किला को बेच दिया है. इसके बाद मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक काफी हो हल्ला हुआ.

लालकिला को डालमियां ग्रुप को गोद देने का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि इसके बाद दुसरा विवाद सामने आ गया. सोशल मीडिया पर काफी तेजी से एक खबर फैलने लगी कि लाल किला से 70 साल में पहली बार तिरंगा हटाया गया है. एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की जाने लगी जिसमें लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा नहीं दिखाई दे रहा है, तथा इसके बहाने केंद्र सरकर को निशाने पर लिया जाने लगा कि मोदी सरकार ने लाल किले से तिरंगा को हटाकर देश का अपमान किया है. फेसबुक पर With INC (@Congressfans) नाम के पेज पर 2 मई को शाम 8.30 बजे लाल किले की फोटो से साथ एक पोस्ट डाला गया जिसमें गोला बना कर दिखाया गया है कि लाले किले के प्राचीर पर जिस पोल पर तिरंगा लहराता दिखता था वहां से अब झंडा गायब है. जिस फेसबुक पेज से यह पोस्ट डाली गई है उसके 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. 7 मई तक ही करीब 30 हजार लोग इस खबर को शेयर कर चुके थे और 12 हजार से ज्यादा लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर चुके थे. इस पेज पर फोटो में कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिन्ह लगा हुआ है.

बिना तिरंगे वाली लाल किले की जिस तस्वीर को फेसबुक ट्विटर आदि सोशल साइट्स पर ये कहकर वायरल किया गया कि मोदी सरकार में 70 साल बाद तिरंगा लाल किला से उतारा गया है वो तस्वीर को देखने से साफ़ पता चल रहा है कि ये तस्वीर शाम के समय ली गयी है. . कम लाइट की वजह से लाल किले की डिटेल नहीं दिख रही है और फोटो धुंधली सी है. एक टीवी चैनल ने इस बारे में भारतीय पुरात्तव विभाग यानी ASI के निदेशक और प्रवक्ता डॉक्टर डीएन डिमरी से बात की. उन्होंने कहा कि ये बात सरासर बेबिनुयाद है कि 70 साल से लाल किले से तिरंगा झंडा नहीं हटाया गया है. डॉक्टर डिमरी ने कहा कि लाल किले पर हर दिन, नियमों के मुताबिक, सूर्योदय के समय झंडा फहराया जाता है और हर दिन शाम को सूर्यास्त के समय झंडा ससम्मान उतार लिया जाता है. उन्होंने बताया कि इस नियम में कोई बदवाल नहीं हुआ है.

ये भी बताया गया कि लाल किले की सुरक्षा समेत तिरंगा लगाने व् उतारने का काम CISF करती है तथा हर दिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय झंडा फरहाने और उतारने का काम एक गार्ड करता है जिसमें एक हवलदार और चार सिपाही होते हैं. लाल किला समेत किसी भी सार्वजनिक भवन पर झंडा फहराने के नियमों के बारे में गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर विस्तार से जानकारी दी गयी है.  यहां पर “Flag Code of India 2002” सेक्शन III के नियम 3.6 में साफ तौर पर लिखा गया है कि बहुत खास मौकों को छोड़कर सार्वजनिक भवनों पर राष्ट्रीय झंडा सिर्फ सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही फहराया जा सकता है.


 


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