एक-एक शब्द सत्य साबित हुए सुदर्शन के.. कठुआ मामला रचा गया था हिन्दू समाज को कलंकित करने के लिए.. ऐसा मामला करने वाला कोई और नहीं बल्कि

कठुआ मामले को लेकर सुदर्शन ने जो तमाम दावे किये थे, आशंकाएं जताई थी वो अब सत्य साबित होती नजर आ रही हैं. सुदर्शन हमेश से कहता रहा है कि कठुआ में मासूम बच्ची के साथ बर्बरता करने वालों, उसकी जान लेने वालों को मौत की सजा दी जाए लेकिन साथ ही मामले कि निष्पक्ष जाँच कराई जाए क्योंकि कठुआ मामले के बहाने हिन्दू समाज को टारगेट करने की, हिन्दुओं को बदनाम करने की साजिश रची गई है. यही कारन कि सुदर्शन ने मामले की जाँच सीबीआई से कराने की मांग की थी. कठुआ मामले को लेकर सुदर्शन का दावा उस समु सच साबित होता हुआ नजर आया जब मामले की जाँच कर रही क्राइम ब्रांच पर सबूत मिटाने के आरोप लगे हैं, सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं.

जानकारी मिली है कि जांच टीम ने बच्ची के बालों के सेंपल का जो लिफाफा कोर्ट में सौंपा है वप लिफाफा खाली है. कठुआ कांड को लेकर क्राइम ब्रांच के चालान के अनुसार क्राइम ब्रांच की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम न अपनी जांच के दौरान एफएसएल एक्सपर्ट और नायब तहसीलदार के साथ उस क्षेत्र का दौरा किया, यहां से मृत बच्ची का शव मिला था. दोबारा से क्राइम सीन बनाया गया. सभी लोकेशन की जांच करने के बाद टीम को कुछ सबूत मिले. इसमें खून से सनी एक लकड़ी और बच्ची के केश शामिल हैं. कुछ केश देवस्थान से मिले और कुछ वहां से मिले, जहां से लड़की की लाश मिली. इनमें से कुछ केश दिल्ली में डीएनए जांच के लिए भेजे गए. दोनों जगहों से मिले केश लड़की के निकले.

यहीं पर आरोपित पक्ष के वकील ने सवाल उठाये हैं तथा कहा है कि क्राइम ब्रांच कहती है कि सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने देवस्थान को पानी से धोया. जब पानी से धोया तो एक हफ्ते के बाद वहां से क्राइम ब्रांच को लड़की के बाल कैसे मिल गए. अब फिर से जब कोर्ट में क्राइम ब्रांच की ओर से पेश किए गए सबूतों का लिफाफा खोला तो उसमें से बाल गायब क्यों मिले हैं ? एक आरोपी के वकील असीम साहनी का कहना है कि हम तो शुरू से कहते आए हैं कि बच्ची के बाल मिलना क्राइम ब्रांच की मनगढ़ंत कहानी है. एक महीने के बाद क्राइम ब्रांच ने कहा कि उन्हें देवस्थान और उस जगह से बच्ची के सिर के बाल मिले, यहां उसका शव पड़ा था. जबकि इसके पहले देवस्थान को धोया गया था. सिर्फ बाल ही क्यों मिले, वहां तो कई तरह के सबूत होने चाहिए थे. वकील असीम साहनी ने एक बार फिर दोहराया कि क्राइम ब्रांच की जाँच में गड़बड़ की गई है तथा सच्चाई कबो जाँच से ही सामने आ पाएगी.

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