आपके आंदोलन की तब विजय हुई जब झुक गया भंसाली और बुलाया हमें पद्मावत दिखाने, उसे हटाने पड़े हैं तमाम विवादित सीन..पढ़िए हमारा एक संदेश

सुदर्शन न्यूज़ प्रधान संपादक श्री सुरेश चव्हाणके जी का संदेश जिसमे उन्होंने सभी राष्ट्रवादियों व धर्मप्रेमियों को संबोधित करते हुए पद्मावत का असल सच बताया है जब आपके आंदोलन के विजय स्वरूप उन्हें ससम्मान फ़िल्म देखने के लिए बुलाया गया – 

“””कल पद्मावत देखने के बाद मेरी प्रेस वार्ता की लिंक यहाँ पर दे रहा हूँ. मैंने पद्मावत के ख़िलाफ़ आंदोलन किया, हमने कहा हम जब तक फिल्म नहीं देख लेते तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा. कल भंसाली झुका उस ने हमारे लिए विशेष शो रखा.इन प्रयासों के परिणाम भी सुखद रहे और आखिरकार उसे सच को दिखाना पड़ा …

आप सब को पूरी तरह आश्वस्त करते हुए मैं बताना चाहता हूँ कि मैंने फिल्म इसलिए देखी क्योंकि फिल्म देखे बग़ैर विरोध हम कह रहे थे लेकिन जब फिल्म देखने का अवसर था तो उसे देखकर विरोध किया जाए इस पक्ष के साथ मैं फिल्म देखने गया था. फिल्म देखने के बाद मैंने कहा यह हम व आप जैसे तमाम आंदोलनकारियो की विजय हैं जिन्हें चिंता थी राष्ट्र की संस्कृति व गौरवशाली इतिहास की ..

संजय लीला भंसाली को इस फ़िल्म से सारी आपत्तिजनक चीज़ें हटानी पड़ी हैं. अब जो फिल्म है उसमें कुछ खास आपत्तिजनक नहीं है , कम से कम इतना तो कतई नहीं कि उसके लिए प्राण देने या किसी की जान लेने की जरूरत पड़े … राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा के लिए हुए इस आंदोलन शामिल सभी बन्धुओं को अब विरोध करने वालों ने अपने विजय का उत्सव मनाने की ज़रूरत है. अफसोस का विषय ये है कि इस आंदोलन में कुछ लोग साजिशन घुस कर आंदोलनकारियों को बदनाम कर रहे हैं. साथ ही केवल मोदी को बदनाम करने के लिए अब फिल्म के विरोध का आंदोलन जारी रखा है जबकि यकीनन सरकार ने भी सकारात्मक रूप रखा राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा के लिए …

कल फिल्म देखने के पहले तक हुआ आंदोलन जायज़ था लेकिन अब नहीं.  आप विश्वास कीजिये हमारा और संस्कृति रक्षक के बाद अब राष्ट्र रक्षक की भूमिका निभाएं… पूरी बात इस विडीयो में मैंने कही है-

आप का –

सुरेश चव्हाणके 

Share This Post

Leave a Reply