एक दो नहीं बल्कि कई कारण थे #JUsticeDipakMishra के खिलाफ #Congress के ऐलान-ए-जंग के… रास नहीं आ रहे ये फैसले

देश की सबसे पुरानी राजनैतिक पार्टी कांग्रेस के एक कदम से उस समय पूरा राष्ट्र सन्न रह गया जब कांग्रेस पार्टी ने 6 अन्य विपक्षी दलों के सहयोग से हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग चलाने का नोटिस आदरणीय उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू जी को सौंप दिया. देश के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि जो कांग्रेस न्यायपालिका में विश्वास जताने का दावा करती है, संविधान के सम्मान की बात करती है वो कांग्रेस मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लेकर आई है. खैर इस बहाने जनता ने एक बार फिर कांग्रेस के वास्तविक चरित्र को देखा तथा उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू जी ने भी कांग्रेस के महाभियोग को आज खारिज कर दिया है.

चीफ जस्टिस के खिलाफ कांग्रेस पार्टी द्वारा लाये गए महाभियोग प्रस्ताव को लेकर देशभर से कांग्रेस की आलोचना हो रही है तथा आम जनता से लेकर संविधान विशेषज्ञ, कानूनी जानकार तथा राजनैतिक विश्लेषक तक कांग्रेस पार्टी पर सवाल खड़े कर रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी एक तरह से न्यायपालिका की खत्म करने का प्रयास कर रही है. खैर कई राजनैतिक जानकारों तथा विश्लेषकों ने इसके पीछे कई सारे कारण गिनाए हैं जिसके कारण ये महाभियोग प्रस्ताव लेकर आई है.

राजनैतिक जानकारों की मानें तो चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा इस समय कई ऐसे मामलों में सुनवाई कर रहे है जिसका व्यापक असर समाज पर पड़ सकता है जिसके कारण कब्ग्रेस पार्टी आशंकित है. सबसे पहले बता दें कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर केस की सुनवाई चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ही कर रही है, जिससे कांग्रेस आशंकित है कि कहीं फैसला श्रीराम मंदिर के पक्ष में न आ जाये. संभावना जताई गई है कि इसीलिए कांग्रेस इस महाभियोग प्रस्ताव को लेकर आई है. ये संभावना इसलिए भी मजबूत दिखाई देती है क्योंकि कांग्रेसी नेता तथा वकील सुप्रीम कोर्ट में निवेदन कर चुके हैं कि राम मंदिर केस की सुनवाई 2019 लोकसभा चुनाव के बाद की ज्याये जिसे जिसे न्यायालाय ने अस्वीकार कर दिया था.

इसके अलावा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ रोहिंग्या शरणार्थीयों के मुद्दे पर भी सुनवाई कर रही है और केंद्र सरकार पहले ही कोर्ट को बता चुकी है कि रोहिंग्या देश के लिए खतरा हैं अतः उन्हें भारत में स्थायित्व नहीं दिया जा सकता है. कांग्रेस को आशंका है कि जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ कहीं रोहिंग्याओं की निकासी को लेकर फैसला न सुना दें. एक और संभावना ये भी जताई गई है कि तीन तलाक पर कोर्ट पहले ही बैन लगा चुका है और अब न्यायाधीश दीपक मिश्रा की पीठ बहुविवाह, हलाला तथा मुस्लिम महिलाओं के खतना पर बैन की याचिकाओं पर भी सुनवाई कर रही है. संभव है कि कांग्रेस इस बात को लेकर आशंकित हो कि CJI इन कुप्रथाओं को बैन कर सकते हैं, इसलिए वह महाभियोग लेकर आई है. इसके अलावा अन्य कई ऐसी याचिकाओं पर CJI दीपक मिश्रा सुनवाई कर रहे हैं जिसका देश पर व्यापक असर पड़ेगा. कांगेस को लगता है कि CJI दीपक मिश्रा इन मुद्दों को लेकर फैसला सुना सकते हैं, इसलिए वह CJI को हटाने के लिए ये महाभियोग लेकर आई है.

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