कहीं इसीलिये तो कांग्रेस नहीं कर रही थी शहरी नक्सलियों की मदद… इस कनेक्शन के सामने आने से खुले कई राज


भीमा कोरेगांव हिंसा के बहाने देश में रक्तपात, खून खराबा की साजिश रचने के आरोप में शहरी नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद देश की राजनीति गरमाई हुई है तथा तमाम विपक्षी पार्टिया जिस तरह से इस गिरफ्तारी का विरोध कर रही हैं, उससे देश की आम जनता भी आश्चर्यचकित है कि आखिर प्रतिबंधित उग्रवादी समूहों से मिलकर देश को दहलाने की साजिश रचने वाले लोगों के प्रति ये हमदर्दी क्यों दिखाई जा रही है. लेकिन गिरफ्तार किये गये शहरी नक्सलियों के समर्थन में भले अनेक राजनैतिक खड़े हो रहे हैं, लेकिन उनके पास मिले दस्तावेजों से देश में अस्थिरता फैलाने की बड़ी साजिश का संकेत मिल रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि नक्सलियों की मदद कर रहे ‘शहरी नक्सली’ इस मामले में कांग्रेस की सहायता मिलने का भी दावा कर रहे हैं. इसमें गुजरात के दलित नेता तथा विधायक जिग्नेश मेवाणी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. अब इस मामले में जी जानकारी सामने आयी है वो काफी सनसनीखेज है क्योंकि इस मामले से कांग्रेस की संलिप्तता नजर आ रही है.

आपको बता दें कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार रोना विल्सन के लैपटॉप में एक बड़े नक्सली नेता की ईमेल मिली है. एक प्रतिष्ठित अखबार ने दावा किया है कि उसके पास मौजूद इसी साल दो जनवरी को लिखी मेल में ‘कामरेड एम’ ने दलित आंदोलन की आड़ में देश में अस्थिरता फैलाने में कांग्रेस का साथ मिलने का दावा किया है. विल्सन को भेजी ईमेल में लिखा गया है कि शहर में रहने वाला शीर्ष नक्सल नेतृत्व कांग्रेस में हमारे कुछ दोस्तों के साथ संपर्क में है. वे दलित आंदोलन को और भी आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने का सुझाव दे रहे हैं. भीमा कोरेगांव ¨हसा के दो दिन बाद ही लिखी ईमेल में वहां चले आंदोलन को काफी सफल बताया गया है. इसके साथ ही हिंसा में एक व्यक्ति की मौत को मुद्दा बनाते हुए आगे भी आंदोलन चलाने और इसके लिए दुष्प्रचार सामग्री तैयार करने का निर्देश दिया है. ‘कामरेड एम’ के अनुसार नक्सल नेतृत्व ने भीमा कोरेगांव हिंसा के लिए कामरेड सुधीर को दो बार फंड भेजा था. इसके साथ ही आगे के आंदोलन के लिए जरूरी फंड की जिम्मेदारी कामरेड शोमा और कामरेड सुरेंद्र को सौंपी गई है. ‘कामरेड एम’ ने रोना विल्सन को बताया है कि किस तरह नक्सल नेतृत्व भीमा कोरेगांव की तर्ज पर अन्य भाजपा शासित राज्यों में उग्र दलित आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में जुटा है. इस काम में जुटे विश्वरूपा, सुदीप, सुशील और देवजानी का मोबाइल नंबर भी दिया गया है. रोना विल्सन ने ही पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश का सुझाव अपनी ईमेल में नक्सली नेतृत्व को दिया था. इसकी जानकारी मिलने के बाद रोना विल्सन को जून में ही गिरफ्तार कर लिया गया था और अभी तक वह जेल में है.

‘कामरेड एम’ का दावा है कि कांग्रेस के कथित दोस्त हर तरह की कानूनी और आर्थिक सहायता देने को तैयार हैं. कामरेड के अनुसार, इस पूरे काम में गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवाणी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. कांग्रेसी दोस्तों ने जेल में बंद नक्सली कोबाड गैंडी और जीएन साईबाबा को रिहा कराने में मदद का आश्वासन भी दिया है. सरकार के खिलाफ दलितों को भड़काने में प्रकाश आंबेडकर का भी सक्रिय सहयोग मिलने का दावा किया गया है. फिलहाल जांच एजेंसियां ‘कामरेड एम’ को पहचानने की कोशिश कर रही हैं. जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘कामरेड एम’ के बारे में कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया. उनके अनुसार इस समय नाम खुलने से जांच प्रभावित होने का खतरा है. इसके साथ ही जांच एजेंसी नक्सलियों के साथ संपर्क में रहने वाले कांग्रेसी नेताओं का पता लगाने की भी कोशिश कर रही है. वैसे जिस तरह से ‘कामरेड एम’ ने रोना विल्सन को किसी मनोज के मार्फत रॉकेट लांचर मिल जाने और विभिन्न कामों में अलग-अलग कामरेडों के लगे होने की बात कही है, उससे उनके काफी ऊंचे ओहदे पर होने का संकेत मिलता है.


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