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मदरसों ही नहीं, चर्चों के भी कनेक्शन हैं आतंकियों से– विश्व हिन्दू परिषद्

अभी तक मदरसों के बारे में कहा जाता है कि मदरसों का संबंध आतंकियों से है तथा सुरक्षा जाँच में भी देश हर के कई मदरसों के आतंकी कनेक्शन सामने आये हैं. लेकिन देश को लहूलुहान करने का, देश को खंडित करने के ये नापाक प्रयास यहीं ख़त्म नहीं होते हैं. केवल मदरसे ही बल्कि चर्चों का भी संबध आतंकियों से है, आतंकी संगठनों से है. जिस तरह मदरसों पर छापेमारी से उनकी काली सच्चाई सामने आई है वैसे ही अगर चर्चों की, ईसाई मिशनरियों की जाँच की जाये तो मदरसों की तरह इनका भी काला चिट्ठा सामने आ जायेगा. मदरसों तथा चर्च पर ये संगीन आरोप विश्व हिन्दू परिषद् ने लगाया है जिस पर राजनीति तेज हो गई है.

आपको बता दें कि विश्व हिंदू परिषद ने गुरूवार को ये आरोप असम के चर्च आैर मदरसों पर लगाए हैं. परिषद का कहना है कि राज्य के ये चर्च आैर मदरसे बच्चों के शोषण आैर तस्करी जैसे गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल है. इसके साथ ही परिषद ने राज्य के सभी चर्च आैर मदरसों की जांच कराने की अपील की है आैर किसी भी प्रकार की गैर कानूनी गतिविधियाें में पाएं जाने पर इन्हें प्रतिबंधित करने की भी मांग की है. विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैने ने गुरूवार को गुवाहाटी में एक प्रेस मीट के दौरान ये बाते कही. साथ ही लोगों से बात करते हुए कहा कि राज्य में बड़ी समस्याआें में जनसांख्यिकीय भी एक समस्या है. जिसे असम सरकार जनसंख्या नीति के जरिए हल कर सकती है. उन्होंने कहा कि असम के लिए तो अवैध बांग्लादेशी भी एक बड़ी समस्या हैंं.

जैन ने कहा कि चर्च खुले तौर पर राज्य में आतंकवादियों को समर्थन दे रहा हैं जो राज्य में सबसे बड़ा खतरा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि असम का चर्च सक्रिय रूप से बाल तस्करी में शामिल है. चर्च राज्य में गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन आैर दूसरे गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल है. इतना ही नहीं जैन ने आरोप लगाया है कि पादरी बच्चों का शोषण कर रहे हैं आैर एेसे कर्इ मामले हमारे सामने आ चुके हैं. उन्होंने कहा कि न केवल चर्च ही बल्कि मदरसों में भी बच्चों का शोषण किया जा रहा है. यहां पर बच्चों की तस्करी भी की जा रही है. उन्होंने राज्य सरकार से चर्च आैर मदरसों की जांच करवाने की मांग की है आैर इन्हें इन मामलों में दोषी पाएं जाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उंन्होने कहा कि झारखण्ड से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है तथा देश के अन्य राज्यों के भी चर्च तथा मदरसों की जाँच की जानी चाहिए. 

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