युद्ध में जितनी तैयारी सेनायें नहीं करती होंगी उससे ज्यादा तैयारी चल रही ममता शासित बंगाल में अवैध बांग्लादेशियों के लिए… देश देख रहा धर्मनिरपेक्षता का ये रूप

देश में धर्मनिरपेक्षता का सहारा लेकर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति की हर सीमा पार कर रहे राजनेताओं की सूची बनाये जाए तो उसमें तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निश्चित रूप से टॉप पोजीशन पर होंगी.  असम के एनआरसी ड्राफ्ट में जिन बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर किया गया है, उन्हें अब पश्चिम बंगाल में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है. बंगलादेशी घुसपैठियों को बंगाल में बसाने के लिए ममता बनर्जी ने युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रति ममता बनर्जी आपने प्यार में हिंदुस्तान की सुरक्षा से खिलवाड़ करने को तैयार हैं. शायद यही है हिन्दुस्तान की राजनैतिक धर्मनिरपेक्षता जहाँ हमारे राजनेता अपनी राजनीति के लिए देश को भी दाव पर लगा देते है.

तमाम बड़े मीडिया सूत्रों के मुताबिक़, खुफिया जानकारी में कहा गया है कि असम में रह रहे ऐसे लोग, जिनके पास किसी भी तरह का कोई दस्तावेज नहीं है, उनके लिए पश्चिम बंगाल में शेल्टर होम बन रहा है. राज्य की सीमा के साथ लगते जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को बंगाल सरकार द्वारा विशेष इंतजाम करने की हिदायत दी गई है. पश्चिम बंगाल, मिजोरम व त्रिपुरा की सरकारों के अलावा खुफिया एजेंसियों से भी यही इनपुट मिल रहा है. खुफिया जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन दिन में साढ़े तीन हजार लोग असम से निकल चुके हैं. जो लोग घुसपैठियों हैं वे असम से निकलना शुरू हो गए हैं. गृह मंत्रालय में उत्तरपूर्व के राज्यों के जानकार एक बड़े अधिकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, मिजोरम और त्रिपुरा इन प्रवासियों की पहली पसंद है. वजह, इन राज्यों की सीमा के साथ लगते क्षेत्रों में बांग्लादेश के लोगों की बड़ी तादाद है, लेकिन त्रिपुरा की सरकार की सख्ती के कारण त्रिपुरा में घुसना हो रहा है.

सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी का यह भी कहना है कि ऐसे लोगों को कुछ समय बाद फिर से एनआरसी सूची का सामना करना पड़ेगा तथा घुसपैठिये तब भी अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पायेंगे इसलिए अभी इन लोगों को सुरक्षित शेल्टर पश्चिम बंगाल ही नजर आ रहा है, इसलिए वे यहीं का रुख कर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी की युवा इकाई के राष्ट्रीय सचिव सौरभ सिकंदर और पश्चिम बंगाल यूथ विंग के अध्यक्ष देबजीत सरकार का कहना है, तृणमूल कांग्रेस सरकार असम से आने वाले लोगों को अपने यहां बसाने की पूरी तैयारी कर रही है. अलीपुर द्वार में बाढ़ पीड़ितों के लिए यहां शेल्टर लगता था लेकिन पिछले चार साल से बाढ़ नहीं आई है, इसके बावजूद इसे दोबारा से तैयार कराया जा रहा है ताकि इसमें बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाया जा चुके. इसी तरह से कई और भी इलाके हैं, जहां असम से आने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों को ठहराया जाएगा. 

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