बेहतर होता कि सैनिक राहुल गांधी को साथ ले गए होते सर्जिकल स्ट्राइक करने– मनोहर पर्रिकर

राहुल गांधी जो हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री बना चाहते हैं लेकिन वो दिन हिंदुस्तान के लिए, भारतीय सेना के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दिन था जब सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद पूरा देश सेना को सैल्यूट कर रहा था लेकिन राहुल गांधी जी सेना के शौर्य पर सवाल उठा रहे थे, सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे रहे थे. ये बातें गोवा के मुख्यमंत्री तथा पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर जी ने कहीं. पिछले महीने अमेरिका से इलाज कराकर लौटने के बाद मनोहर पर्रिकर पहली बार पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने 2016 में सेना द्वारा पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस पर हमला बोला.

गौरतलब है कि जब भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी, उस समय पर्रिकर ीक्षामंत्री थे. सर्जिकल स्ट्राइक के के वक्त भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा, “विपक्षी पार्टियों का दावा क्या है? कि सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की गई थी. नकारात्मकता तो देखो. क्या मुझे आपको (विपक्ष) साथ में ले जाना चाहिए था? क्या मुझे सेना से कहना चाहिए था कि सर्जिकल स्ट्राइक के लिए जाते वक्त राहुल गांधी को भी साथ लेकर जाएं?”  “अगर आप सर्जिकल स्ट्राइक करना चाहते तो सबसे अहम बात है गोपनीयता. सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में केवल चार लोगों मुझे, प्रधानमंत्री, सेना प्रमुख और श्रीनगर में सेना के डायरेक्टर जनरल को पता था.” बता दें कि 2016 में उरी हमले के 11 दिन बाद 29 सितंबर को सेना ने बताया कि 18 जवानों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के लॉन्चपैड पर सर्जिकल स्ट्राइक कर उन्हें तबाह कर दिया है.

भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मनोहर पर्रिकर ने कांग्रेस पर बीजेपी के खिलाफ गलतफहमी फैलान का आरोप लगाया और जनता से अगले लोकसभा चुनाव में उन्हें जवाब देने की अपील की. पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पर्रिकर ने कहा, “जब में सत्ता में आया तो कुछ लोगों ने यह धारणा बनाने की कोशिश की कि मैं घमंडी व्यक्ति हूं. कांग्रेस को इस तरह की गलतफहमी पैदा करने में महारत हांसिल है.” इसके साथ ही पर्रिकर ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी खबरों से सावधान रहने के लिए कहा. उन्होंने कहा, “यह सूचना प्रौद्योगिकी का युग है और फेसबुक पर लगातार जानकारियां आ रही हैं. झूठी खबरों को प्लांट किया जा रहा है. हम पढ़ते हैं कि लोगों ने फेक न्यूज की वजह से कैसे अपनी जान गंवा दी. ऐसी परिस्थितियों में पार्टी कार्यकर्ताओं के कंधों पर बड़ी जिम्मदारी है.” मनोहर पर्रिकर ने कहा कि चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर कई फेक न्यूज फैलाई जाएंगी. अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पर्रिकर ने कहा, “अगर हम अगला चुनाव जीतना चाहते हैं तो हमें सभी संभावित स्रोतों से डेटा इक्ट्ठा करके पिछले चार सालों के दौरान केंद्र द्वारा किए गए विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाना होगा.” पर्रिकर ने कहा कि हमारा सबका एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि 2019 में भी और ज्यादा विशाल बहुमत के साथ श्री नरेंद्र मोदी जी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाना है.

Share This Post