मुझे हिंदुओं ने सदा सम्मान दिया, जब भी समस्या आई तो केवल मुसलमानों से – मौलाना कल्बे सादिक़

ये एक ऐसा सच है जिसने अपने आप तमाम नकली धर्मनिरपेक्ष ठेकेदारों के साथ वामपंथी विचारधारा को भी जवाब दे ही डाला है क्योंकि उसने कभी हिंदुओं को सांप्रदायिक तो कभी असहिष्णु घोषित करने की हरसंभव कोशिश की है ..बयान महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि ये एक मुस्लिम मौलाना ने कहा है वो भी शिया समुदाय के सबसे बड़े नामों में एक ने ..

ज्ञात हो कि मदरसे की शिक्षा पर सवाल उठाते हुए मौलाना कल्बे सादिक़ ने कहा कि “मदरसों की शिक्षा से ज्यादा बेहतर मॉडर्न एजुकेशन है.’ उन्होंने कहा कि, ‘हम जब एजुकेशन की बात करते हैं तो हमारी मुराद होती है मॉडर्न एजुकेशन, न की धार्मिक एजुकेशन. धार्मिक एजुकेशन भी जरूरी है, लेकिन जो हमारी प्रॉब्लम है, वह मॉडर्न एजुकेशन है.  उन्होंने बेहद शानदार बयान देते हुए आगे बताया कि सैंकड़ों, हजारों मदरसे मौजूद हैं. लेकिन मुसलमानों की जो असल दिक्कत है वो मॉडर्न एजुकेशन की है.’

अपने पूरे बयान में सबसे खास बात ये रही जब मौलाना ने कहा, ‘मुझे हमेशा मुसलमानों से ही प्रॉब्लम आयी है. हिन्दुओं से कभी कोई पसमस्या नहीं आयी. मैं किसी की खुशामद नहीं करता. हिन्दुओं ने मुझे हमेशा इज्जत दी, प्यार दिया. मुसलमानों से पूछिए कि दीन क्या है, धर्म क्या है, तो वह कहेंगे नमाज पढ़ना, रोजे रखना, हज करना. ये सब धार्मिक प्रथाएं हैं, दीन नहीं है.’…इस बयान के बाद इस्लामिक जगत में हलचल मच गई है ..

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