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आरक्षण पर मोदी सरकार ले सकती है ऐतिहासिक फैसला.. वो फैसला जो बदल देगा देश की राजनीति की दिशा और दशा

आरक्षण को लेकर राजनैतिक गलियारों से ऐसी खबर आ रही है जिसने पूरे देश में हलचल पैदा कर दी है. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि आरक्षण को लेकर केंद्र की मोदी सरकार एक ऐतिहासिक फैसला लेने वाली है. ये एक ऐसा फैसला होगा जिससे देश की राजनीति की दिशा और दशा ही बदल जायेगी. जानकारी मिल रही है प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार आर्थिक आधार पर 15-18 फीसदी आरक्षण देने पर विचार कर रही है. वही इसको लेकर कांग्रेस पार्टी का भी रुख सामने आया है. कांग्रेस ने आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की केंद्र सरकार की पहल पर सभी दलों की बैठक बुलाने की मांग की है.

सरकार के आधिकारिक सूत्रों से खबर मिली है कि आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर सरकार के भीतर जो विचार चल रहा है इसके तहत सरकार सभी जातियों में आर्थिक रूप से कमज़ोर तबकों को आरक्षण देना चाहती है. सूत्रों के मुताबिक विचार अभी प्रारम्भिक स्तर पर है, लेकिन बातचीत में प्रमुख मुद्दा ये है कि कैसे वर्तमान आरक्षित जातियों को बिना छुए आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए. इसका मतलब है कि अनुसूचित जाति और जनजाति के अलावा पिछड़े तबके को संविधान में मिले आरक्षण को बिना छेड़े आर्थिक आधार पर सभी जातियों के लिए आरक्षण देने पर केंद्र सरकार विचार कर रही है. सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि 15% से 18% आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जा सकता है. ऐसा करने से बार-बार नई- नई जातियों से उठने वाली आरक्षण की मांग का निदान हो सकेगा. हालांकि केंद्र सरकार किसी नतीजे पर नही पहूँची है लेकिन सरकार सरकार इसको लेकर गंभीर है. सूत्रों के मुताबिक आर्थिक आधार पर आरक्षण पर प्रधानमंत्री मोदी आखिरी फैसला लेंगे.

सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार इसके लिए संविधान में संशोधन कर आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 फीसदी से बढाने को तैयार है तथा इसके लिए संसद के शीतकालीन सत्र में आर्थिक आधार पर आरक्षण के लिए बिल लाया जा सकता है. सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि 15 फीसदी से 18 फीसदी आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जा सकता है. आर्थिक आधार पर आरक्षण के लिए के लिए केंद्र सरकार संविधान संशोधन करना चाहती है तथा इसके लिए संसद में संविधान संशोधन बिल लाया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि आर्थिक आधार पर आरक्षण तभी लागू हो सकता है, जब संविधान में संशोधन कर आरक्षण की अधिकतम सीमा 50% के कैप को बढ़ाया जा सके क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 फीसदी से ज्यादा करने पर रोक लगा राखी है. सूत्रों के मुताबिक संसद में शीतकालीन सत्र में बिल लाया जा सकता है, तब तक सरकार आर्थिक आधार पर आरक्षण से जुड़ी तमाम कवायद भी पूरी कर लेगी.

गौरतलब है कि शीत कालीन सत्र इस लोकसभा का आखिरी सत्र होगा. ऐसे में सरकार शीतकालीन सत्र में 15% से 18% तक आर्थिक आधार पर आरक्षण का बिल ला सकती है. हाल ही में महाराष्ट्र और गुजरात के पाटीदार सहित जाटों की ओर से आरक्षण देने की मांग उठती रही है. इसके अलावा ब्राह्मण, राजपूत और बनिया सहित बाकी जातियों में ऐसा तबका भी है जो आर्थिक रूप से बेहद पिछड़ा है. ऐसे में अगर इस तबके को आरक्षण से जोड़ा जाए तो इस आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को भी आगे आने का मौका मिला सकता है. सूत्रो के मुताबिक सबसे बड़ी समस्या ये है कि 50% से ज़्यादा आरक्षण दिया नहीं जा सकता, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कैप लगाया हुआ है. सूत्रों के मुताबिक संविधान संशोधन करके एक रास्ता तैयार किया जा सकता जिसमें बिना वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को छेड़े आर्थिक रूप से कमज़ोर तबके को आरक्षण दिया जा सकता है. यानि आरक्षण पर लगे कैप को 50% से आगे बढ़ाया जाए. इसके लिए संविधान में संशोधन करना होगा तथा केंद्र सरकार इसके लिए तैयार है. मोदी सरकार का मानना है कि जिन जातियों को आरक्षण नहीं मिल रहा हैं उन्हें आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए क्योंकि सामाजिक भेदभाव व तनाव काफी हद तक कम होगा.

सूत्रों के मुताबिक़, आयकर को आधार बना कर आर्थिक आधार पर कमज़ोर तबके के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा सकती है. सूत्रों के मुताबिक जो लोग आयकर देते हैं उनको छोड़ कर आर्थिक आधार, आर्थिक रूप कमज़ोर तबके के लिए आरक्षण का विचार भी सरकार में चल रहा है. आर्थिक आधार पर 15% से 18% आरक्षण दिया जा सकता है. इसके अलावा जो लोग आयकर के दायरे में नहीं आते हैं लेकिन जिनकी आय माध्यम आय वर्ग के समान है उनको छोडकर आर्थिक आधार पर कमज़ोर तबके को आरक्षण दिया जा सकता है. आर्थिक आधार पर आरक्षण के लिए सरकार संविधान संशोधन बिल संसद में पेश कर सकती है. जानकारों का मानना है कि अगर मोदी सरकार आर्थिक आधार पर आरक्षण देने में कामयाब हो जाती है तो ये एक क्रांतिकारी निर्णय साबित होगा और गैर बराबरी को दूर करने में एक मील का पत्थर साबित होगा.

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