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कर्ज से दबे पत्रकार ने पूरे परिवार को मार डाला फिर झूल गया फांसी.. राष्ट्रवादी पत्रकारिता के लिए विख्यात थे हनुमंत राव इसीलिए खामोश है बुद्धिजीवियों का समूह

अपने राष्ट्रवादी विचारधारा के लिए वो जाने जाते थे , उन्होंने हमेशा से राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि रखा था और खुद को कभी किसी सत्ता के आगे झुकने नहीं दिया था .. वो दिन रात प्रयास करते रहे समाज को जगाने का और सामाजिक चुनौतियों के खिलाफ संघर्ष में आपा साथ देने का .. धीरे धीरे उनका सब कुछ इस मार्ग पर बिकता चला गया क्योकि समाज ने अपने सिद्धांतो को सर्वोपरि रखते हुए उनकी किसी भी अपील और शब्दों को स्वीकार नहीं किया और वो अकेला चीख चीख कर तबाह हो गया . जब उसने अपने परिवार को देखा और उसके साथ अपनी जिम्मेदारी के रूप में अपनी दो बेटियों को तो उसको लगा की वो बहुत आगे निकल आया है जहाँ से अब उनके और उनके परिवार के लिए कुछ भी नहीं बचा है 

ऐसे हालत में उसको केवल एक राह दिखी और वो राह थी मौत की . फिर उसने सोचा की उसकी मौत के बाद इन बेटियों का क्या होगा क्योकि उसने समाज के तथाकथित लोगों को अपनी खुद की मदद के लिए पीछे हटते देखा था .. इसलिए उसने सोचा की अब कोई राह नहीं है , न उसके खुद के लिए और न ही उसकी बेटियों के लिए .. और एक पिता जो एक पत्रकार भी था उसने अपना लिया वो स्वरूप जो किसी के भी दिल को कराह देने पर मजबूर कर देगा …

ज्ञात हो की धर्मनिरपेक्ष सरकार टीआरएस द्वारा संचालित तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले में एक पत्रकार ने पहले अपने दो मासूम बच्चों की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर फांसी लगाकर जान दे दी. इस दौरान उसकी पत्नी ने भी जहर खा लिया. लेकिन पड़ोसियों की नजर उस पर पड़ गई और उसे अस्पताल पहुंचाया गया. जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. दिल दहला देने वाली यह दुखद घटना तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से लगभग 100 किलोमीटर दूर के सिद्दीपेट जिले की है. जानकारी के मुताबिक वहां रहने वाले पत्रकार हनुमंत राव ने पहले अपनी पत्नी के साथ मिलकर अपने दो मासूम बच्चों को गला दबाकर मार डाला और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसकी पत्नी ने भी जहर खाकर जान देने की कोशिश की लेकिन उसे बचा लिया गया. उसे गंभीर हालत में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

एसीपी सिद्धिपीत रामेश्वर ने जानकारी देते हुए बताया कि 35 वर्षीय हनुमंत राव, एक तेलुगू समाचार पत्र के साथ काम करते थे. लेकिन इन दिनों वो गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे थे. क्योंकि उनके सिर पर 10 लाख से ज्यादा का कर्ज था. ये कर्ज उन्होंने तुष्टिकरण अदि से हट कर एक निष्पक्ष पत्रकारिता करने के लिए लिया था जिसको कई लोगों द्वारा पसंद नहीं आने पर वो विकल्पहीन हो गए थे .. इसी के ही चलते बुधवार को उन्होंने अपनी पत्नी मीना के साथ पहले अपने 5 और 3 साल के बच्चों को गला दबाकर मार डाला और उसके बाद खुद फांसी लगा ली. जबकि हनुमंत की पत्नी ने जहर खा लिया. गुरुवार को जब पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला. जिस पर उन्होंने घर का दरवाजा तोड़ दिया.  कमरे के अंदर का मंजर देखकर पड़ोसी हैरान रह गए. वहां हनुमंत राव और दोनों बच्चों की लाश पड़ी थी. जबकि हनुमंत की पत्नी मीना जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी. फौरन पुलिस को घटना की सूचना दी गई और मीना को अस्पताल में भर्ती कराया गया. 

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