सैनिकों का सम्मान सुरक्षित होगा आगे से.. सैनिक सिर्फ सैनिक होगा, किसी का नौकर नहीं.. राष्ट्र के रक्षकों में खुशी की लहर

राष्ट्र रक्षक सैनिकों के लिए अब एक ऐसा फैसला लिया लिया गया है जिससे न सिर्फ भारतीय सेना के जवान बल्कि पूरा राष्ट्र खुशी से झूम उठा है. सेना के लिए जनरल विपिन रावत जी ने जो नई गाइडलाइन जारी की है उसके तहत अब सैनिक सिर्फ सैनिक रहेंगे तथा कोई भी अधिकारी अब सैनिकों से घर का काम नहीं करवा सकेगा. जनरल रावत ने कहा कि अब किसी भी फौजी से नौकरों (अर्दलियों) जैसा काम नहीं कराया जाएगा. बता दें इस पर काफी बार मुद्दा उठ चुका है कि कई जवानों से अर्दलियों का काम लिया जाता है. जो बड़े अधिकारियों के घर का हर काम देखते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा था अगर कोई अधिकारी ऐसा करवाता है जो उस पर कार्यवाही होगी.

सेना के लिए नई गाइडलाइन में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा है कि कोई भी सैन्‍य अधिकारी सैनिकों से अ‍दर्लियों जैसा काम नहीं करवाएगा.  सेना प्रमुख ने कैंटीन के दुरुपयोग पर भी सख्‍ती दिखाई हैं. नई गाइडलाइन में कहा गया है कि सैन्‍य कैंटीन में मिलनी वाली शराब सहित अन्‍य सामान के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्‍त कदम उठाए जाएंगे.  गाइडलाइन में भ्रष्‍टाचार पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा गया है कि यदि कोई भी सैन्‍य अधिकारी किसी भी तरह के भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई के दौरान यह नहीं देखा जाएगा कि आरोपी अधिकारी सेना के किस पद पर बैठा है.

सैनिकों की बिगड़ती फिटनेस को लेकर सेना प्रमुख का कहना है कि जवानों की फिटनेस का स्‍तर समय के साथ नीचे गिर रहा है. आलम यह है कि सेना में विकलांगता और जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ी है. वहीं, युवा सैनिक बीपीईटी टेस्ट को पूरा करने में असक्षम नजर आने लगे हैं. सैनिकों की बिगड़ती फिटनेस को देखते हुए सेना प्रमुख ने फौज के खानपान पर भी संज्ञान लिया है. उन्‍होंने गाइडलाइन के जरिए कहा है कि सेना में सेहत को खराब करने वाले खानपान पर पूरी तरह से रोक लगेगी. इस खानपान में पूरी, पकौड़ा कचौडी और मीठा भी शामिल है. उन्‍होंने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य को घातक स्थिति में पहुंचाने वाले खानपान की जगह सैनिकों को स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक खान-पान मुहैया कराया जाएगा.

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