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“हैलो! में एयरटेल से शोएब बोल रहा हूं”.. उधर से जवाब आया- “कोई हिन्दू हो तो बात कराओ, तुम पर विश्वास नहीं”… अब गर्म हो चुकी है राजनीति

पिछले दिनों जब गाजियाबाद के अर्थला में एक नाबालिग बच्ची के साथ मदरसे के मौलवी द्वारा बलात्कार का मामला सामने आया था तो सबने देखा था कि किस तरह से मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने उस ११ वर्षीय मासूम को  भाभी बताकर सोशल मीडिआ पर ट्वीट/पोस्ट की थीं. अब एक बार फिर से यही दोहराया जा रहा है बल्कि उससे भी ज्यादा अमर्यादित तथा अश्लील शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है लखनऊ की एक हिन्दू लड़की पूजा सिंह के लिए, जो दिखाता है कि इन मजहबी उन्मादी लोगों कि तहजीब क्या है?

आपको बता दें १८ जून को पूजा सिंह नामक युवती ने एयरटेल इंडिया से ट्विटर पर अपनी समस्या के समाधान के लिए लिखा. पूजा के ट्वीट का रिप्लाई करते हुए भारती एयरटेल(टीवी) के एक कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव ने उन्हें उनकी शिकायत को सुलझाने का आश्वासन दिया. दरअसल, जिस कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव ने पूजा सिंह को रिप्लाई किया था, वो मुस्लिम था और उनका नाम शोएब था. इसके बाद पूजा ने असिस्टेंस के लिए एयरटेल से हिंदू रिप्रजेंटेटिव की मांग की. इसके बाद पूजा ने ट्वीट किया, “डियर शोएब, आप मुसलमान है और मुझे आपके काम करने के तरीके पर यकीन नहीं है क्योंकि आपके कुरान में कस्टमर्स की सर्विस का कुछ अलग तरीका होगा. मैं चाहती हूं कि मेरी मदद के लिए लिए एयरटेल एक हिंदू रिप्रजेंटेटिव चुने.” पूजा सिंह के इस ट्वीट के बाद एयरटेल ने पूजा सिंह को गगनजोत सिंह नामक एग्जीक्यूटिव उपलब्ध कराया गया. 

पूजा सिंह के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिआ पर बवाल मच गया तथा पूजा की जबरदस्त आलोचना की जाने लगी. यहां तक कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा पत्रकार बरखा दत्त ने पूजा सिंह की आलोचना की. इसके बाद वो हुआ जिसके कारण पूजा सिंह ने ये ट्वीट किया था. समुदाय विशेष(मुस्लिम) के कुछ लोगों द्वारा पूजा सिंह को भद्दी भद्दी गलियां दी जाने लगी तथा उनका बलात्कार करने की धमकिया दी जाने लगी. इसके बाद पूजा सिंह ने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि गाली देने वालों को में बताना चाहती हूँ कि उन्होंने मुस्लिम एग्जीक्यूटिव कि सुविधा लेने से इंकार किया क्योंकि इस बारे में उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा है और ये मेरा हक़ है कि में कंपनी से अपनी पसंद जाहिर कर सकती हूँ लेकिन जिस तरह से उन्हें गालियां दी जा रही हैं वो साबित करता है कि में सही थी. आश्चर्य कि बात ये है कि जब पूजा को गलियां दी गयीं, रेप कि धमकिया दी गई तो न तो उमर अब्दुल्ला बोल पाए और न ही बरखा दत्त. लेकिन चाहे वह अर्थला मदरसे का मामला हो या पूजा सिंह का.. दोनों मामलों में मजहबी उन्मादियों ने जो भाषा प्रयुक्त की वो उनकी तालीम, उनकी तहजीब को दिखाता तथा साबित करता है कि पूजा ने शोएब से बात करने से क्यों इंकार कर दिया था.

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