Breaking News:

भारत को खोखला कर रहे बांग्लादेशियों ने प्रदर्शन का दिन चुना गांधी जयन्ती… भारत में ही भारत के खिलाफ होगा प्रदर्शन

वो अवैध तरीके से भारत में आये..भारत में रहने लगे, भारत का खाने लगे तथा भारत की तथाकथित धर्मनिरपेक्ष राजनीति ने उन्हें वो सब सुविधाएं दी जिनके लिए देश का मूल नागरिक तरसता रहता है. लंबे समय  से ये लोग भारत में रहकर, भारत का खाकर, भारत की हवा में सांस लेकर भारत को ही खोखला कर रहे हैं तथा मजहबी जिहादियों के साथ मिलकर न न सिर्फ देश की आन्तरिक बल्कि बाहरी सुरक्षा के लिए भी खतरा बने हुए हैं. हम बात कर रहे हैं बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों की.

ज्ञात हो कि पीछले दिनों ही पूर्वोत्तर के राज्य असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(एनआरसी) ड्राफ्ट जारी किया गया है. असम में NRC ड्राफ्ट जारी होने की बाद 40 लाख लोग ऐसे पाए गये हैं जो असम में तो रहते हैं लेकिन उनके पास भारतीय नागरिक होने का कोई सबूत नहीं है. हालाँकि सरकार ने NRC ड्राफ्ट से छूटे लोगों को अपना नाम जुडवाने का एक मौक़ा और दिया है लेकिन इसके बाद भी इस ड्राफ्ट से बाहर हुए उन लोगों के मन में बेचैनी है जो घुसपैठिये हैं. देश को खोखला कर रहे इन घुसपैठियों ने अब भारत में रहकर भारत के ही खिलाफ जंग का एलान कर दिया है तथा तथा इसके लिए उन्होंने गांधी जयन्ती का दिन चुना है जब ये लोग देश की राजधानी दिल्ली में इसलिए धरना देंगे क्योंकि इन लोगों को भारत सरकार ने अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया है.

खबर के मुताबिक, असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(एनआरसी) के मुद्दे के बाद नागरिकता से गायब हुए लोग दिल्ली में गांधी जयंती पर धरना देंगे. हजारों की तादाद में ऐसे लोग जिन्हें ‘संदेहास्पद वोटर्स’ के नाम से चिन्हित किया गया है, वे नई दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट करेंगे. मिली जानाकारी के मुताबिक 5,000 से अधिक लोग नागरिकता लिस्ट से बाहर होने के बाद बुनियादी अधिकारों से अलग किए जाने के खिलाफ दिल्ली में एकजुट होंगे. रिपोर्ट्स के मुताबकि असम में 1,25,333 लोग असम के वोर्टर्स नहीं है जिन्हें ‘डी वोटर्स’ के रूप में चिन्हित किया गया है. असोसिएशन फॉर प्रोटक्शन ऑफ सिटीजनशिप राइट्स के रूप में एक संगठन बनाया है जिसका उद्देश्य ‘डी वोटर्स’ को ‘दि वोटर्स’ में तब्दील करना है.

Share This Post