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कहीं मोदी विरोध में फ्रांस से रिश्ते ख़राब करने का कांग्रेस का कोई नया एजेंडा तो नहीं ये ? या खुश करने की तैयारी मुस्लिम मुल्कों को

क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी फ्रांस के साथ भारतीय संबंधों को ख़राब करना चाहते हैं? क्या भारत व फ़्रांस को लेकर अनर्गल बयानबाजी राहुल गांधी का कोई सेट एजेंडा है, जिसका खामियाजा भारत को भुगतना पद सकता है? ये सवाल इसलिए खड़ा होता है क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राफेल डील को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे. राहुल गांधी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार को इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि राफेल विमानों को खरीदने के लिए वह क्यों फ्रांस को यूपीए सरकार की तुलना में अधिक पैसे दे रही है. राहुल ने कहा था कि जब फ्रांस के राष्ट्रपति दिल्ली आए थे तो उन्होंने स्वयं उनसे मुलाकात की थी तथा फ्रांस के राष्ट्रपति ने उन्हें बताया था कि राफेल के विमानों की कीमत गुप्त रखने की कोई शर्त नहीं है और आप पूरे देश को इसकी कीमतों के बारे में बता सकते हैं.

लेकिन अब एक ऐसी खबर सामने आयी है जो राहुल गांधी के होश फाख्ता कर देगी. आपको बता दें कि फ्रांस सरकार ने भारतीय एयरफोर्स को 32 जगुआर बमवर्षक प्लेन मुफ्त देने का ऐलान किया है जिससे कही न कही मोदी सरकार की विदेशी नितियों और संबंधों का पता लगता है. फ्रांस सरकार ने भारतीय एयरफोर्स को 32 जगुआर बमवर्षक सहित 2 मिराज-2000 फाइटर प्लेन मुफ्त में देने ऐलान किया है जिससे कही न कही राहुल गांधी सहित मोदी सरकार के तमाम विपक्षी पार्टियों की हार हो गई है. हालांकि ये विमान सेकेण्ड हेंड हैं लेकिन काफी उपयोगी हैं. भले ही ये 32 जगुआर विमान पुराने हों लेकिन भारतीय वायुसेना के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे. इससे भारत के सैकड़ों करोड़ रुपये की बचत भी होगी। अगर स्पीड की बात करें तो एक जगुआर विमान 1700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है.

यही नहीं बल्कि फ्रांस भारत को दो मिराज-2000 लड़ाकू विमान देने भी जा रहा है. मिराज वही विमान है जिसने कारगिल युद्ध के दौरान अपनी क्षमता सिद्ध की थी. भारत के साथ फ़्रांस के इतने मजबूत संबंध है कि फ़्रांस भारत को मुफ्त में 32 जगुआर विमान तथा दो मिराज-2000 लड़ाकू विमान देने जा रहा है लेकिन राहुल गांधी अपनी राजनीति के लिए दोनों देशों के संबंधों को ख़राब करने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं. हालांकि राहुल के इस बयान के तुंरत बाद फ्रांस सरकार ने बयान जारी करते हुए कहा था कि एक इंटरव्यू के दौरान हमारे राष्ट्रपति ने पहले ही साफ कर दिया था कि राफेल डील एक गोपनीय प्रक्रिया के तहत हुई है इसलिए सुरक्षा कारणों को देखते हुए इसकी कीमत का खुलासा नहीं कर सकते हैं तथा वह राहुल गांधी के बयान को खारिज करते हैं.

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