देश में बोलने की आजादी पाने वाले ध्यान से सुन लें, देश तोड़ने की आजादी नहीं मिलेगी– गृहमंत्री, भारत सरकार

भीमा कोरेगांव हिंसा तथा प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी की ह्त्या की साजिश रचने के मामले में तथाकथित वामपंथी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं(शहरी नक्सली) की गिरफ्तारी के मचा राजनैतिक बवाल थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है. सम्पूर्ण विपक्ष तथा तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग शहरी नक्सलियों की गिरफ्तारी को बोलने की आजादी पर सरकार का हमला बताते हुए अघोषित इमरजेंसी करार दे रहा है तथा कहा जा रहा है कि सरकार विरोधी आवाज को दबाया जा रहा है. लेकिन इनके खिलाफ मोदी सरकार भी फ्रंट फुट पर आ गयी है तथा शहरी नक्सलियों की गिरफ्तारी का विरोध करने वालों को गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने करारा जवाब दिया है.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में सबको बोलने की, सब कुछ करने की आजादी है, लेकिन देश तोड़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के संबंध में कहा कि ‘जिनकी गिरफ्तारी हुई है वे पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं. आरोप गंभीर हैं. किसी सरकार को गिराने की साजिश रचना, हिंसा को बढ़ावा देने के लिए अपनी विचारधारा का सहारा लेना और सबसे बड़ी बात किसी देश को तोड़ने के लिए साजिश रचना, मैं समझता हूं इससे बड़ा अपराध कुछ और नहीं हो सकता. लखनऊ से सांसद तथा भारतीय जनता पार्टी के कद्द्दावर नेता व केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘इस देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की बात है तो सरकार उसके लिए प्रतिबद्ध है.’ इसलिए जो भी तथ्य सामने आए हैं उन्हीं तथ्यों पर महाराष्ट्र पुलिस ने कार्रवाई की है.’

गृहमंत्री जी ने आगे कहा कि ‘कार्रवाई के बाद मैंने वहां के मुख्यमंत्री से बात की और पूरी जानकारी हासिल की. मुख्यमंत्री ने बताया कि क्यों गिरफ्तारी की गई. अब मामला कोर्ट के विचाराधीन है.’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘प्रेशर कुकर को हम दबाने की कोशिश नही करेंगे. लोकतंत्र में सबको बोलने की आजादी है. सबको चलने की आजादी है. सब कुछ करने की आजादी है, लेकिन किसी को भी देश को तोड़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि ‘असहमति लोकतंत्र का सेफ्टी वाल्व है और यदि आप इन सेफ्टी वाल्व की इजाजत नहीं देंगे तो यह फट जायेगा.’ सिंह ने कहा कि नक्सली 126 जिलों से सिमटकर 10-12 जिलों में रह गए हैं, लेकिन अब नक्सली दूसरा रास्ता अपना रहे हैं. वे शहरों में आ गए हैं. वे अपनी विचारधारा से लोगों को प्रभावित करने का काम कर रहे हैं, यह जानकारी एजेंसियों के जरिए प्राप्त हुई है. राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं साफ़ कर देना चाहता हूँ कि बोलने की आजादी हर किसी को है लेकिन हम सत्ता में रहें या न रहें लेकिन देश तोड़ने की आजादी किसी को नहीं दी जा सकती.

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