सत्य साबित हो रहे हैं वीर सावरकर … हमेशा से हिंदू धर्म की खिलाफत करने वाले सीताराम येचुरी शामिल हुए हिन्दू धर्म की शोभायात्रा में

वीर सावरकर-हिन्दुओं के जननायक तथा अखंड हिन्दू राष्ट्र के लिए आजीवन करते रहने वाले अमर हुतात्मा जिन्होंने हिन्दुओं को उनकी ताकत का एहसास कराने के लिए, हिन्दुओं की सोयी हुई चेतना को जगाने के लिए एक बार कहा था कि अगर हिन्दू संगठित हो जाये, अगर हिन्दू एकता के सूत्र में बंध जाये तो देश का हर नेता जो हिन्दुओं के खिलाफ क्यों न रहा हो, वो भी कोट पर जनेऊ पहिनकर दिखाएगा कि वो हिन्दू है, माथे पर तिलक लगाकर सबको बतायेगा कि वो हिन्दू है तथा हिन्दुओं का सम्मान करता है.

वीर सावरकर जी की ये बात देश की आज की राजनीति में सच साबित हो रही है. 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान हिन्दुओं की जो एकता दिखाई दी उसके बाद हमेशा हिन्दुत्व के खिलाफ बोलने वाले, हिन्दुओं का दमन करने वाले नेताओं के सुर बदल गये तथा अब इन नेताओं में खुद को हिन्दू समर्थक बताने के होड़ लगी है. ताजा मामला मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी का है जिनकी दो तस्वीरें वायरल हो रही है जिसमें एक में वह सर पर कलश रखे हुए हैं तथा दूसरी में सिर पर फूल रखे हुए दिख रहे हैं. वामपंथी नेता सीताराम येचुरी जो हमेशा से हिन्दू धर्म की खिलाफत करते रहे हैं. गौरतलब है कि वामदलों के सदस्यों के लिए पार्टी की ओर से हिदायत है कि वे किसी भी धार्मिक कार्यों या मंदिर के पूजा आदि में शामिल न हो क्योंकि वामपंथी विचारधारा हिन्दू धर्म को स्वीकार नहीं करती है.

लेकिन सीताराम येचुरी जैसा कद्दावर वामपंथी नेता जब हिन्दू धर्म की शोभायात्रा में न सिर्फ शामिल होता है बल्कि कलश यात्रा के दौरान सर पर कलश रखकर भी चलता है तो उस समय हुतात्मा वीर सवार की वो बात अनायास ही याद आ जाती है जब उन्होंने कहा था कि अगर हिन्दू संगठित होता है तो इन हिन्दू विरोधी नेताओं में खुद को बड़ा हिन्दू समर्थक बताने की होड़ मचेगी. और अब जब पूरे देश में हिन्दू संगठित हो चुका है तो वो तमाम राजनेता जो हिन्दू आस्थाओं का खिलवाड़ करते थे, श्रीराम को काल्पनिक बताते थे वो आज मंदिर मंदिर घूम रहे हैं, हिन्दू शोभायात्राओं में शामिल हो रहे हैं.सीताराम येचुरी की जो तस्वीर वायरल हो रही है वह तस्वीर हैदराबाद की है. दरअसल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में ‘बोनालू’ उत्सव मनाया जाता है, येचुरी इसी में हिस्सा लेने पहुंचे थे. अल्लादा मसम (जुलाई-अगस्त) के दौरान हैदराबाद और उसके जुड़वां शहर सिकंदराबाद के कुछ हिस्सों में बोनालू मनाया जाता है. आसादा यात्रा उत्सव के रूप में भी जाना जाता है, यह दोनों शहरों में विभिन्न स्थानों पर तीन अलग-अलग रविवार को मनाया जाता है. ये उत्स्व हिन्दू धर्म की आराध्य देवी महाकाली को समर्पित है.

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