फ़ौज के हथियार नीचे रखवाना चाह रही हैं मायावती.. भारत की बलिदानी फ़ौज को बता दिया पाकिस्तान की जल्लाद सेना जैसा

अभी हाल ही में रमजान माह में जब केंद्र सरकार ने कश्मीर घाटी में सेना की तरफ से एकतरफा सीजफायर का एलान किया गया था तो तो पूरा देश आक्रोश से भर उठा था तथा मोदी सरकार के समर्थकों तक ने इस फैसले की आलोचना की थी तथा कहा था कि सेना के हाथ नहीं बाँधने चाहिए. लेकिन अब उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सेना के बाँधने की बात कही है, यही नहीं मायावती  ने भारतीय सेना को जल्लाद पाकिस्तानी सेना के बराबर खड़ा कर दिया है.

मायावती ने जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी तथा पीडीपी गठबंधन को लेकर तीखा बयान दिया तथा कहा कि भाजपा व पीडीपी की सरकार राज्य के हितों की रक्षा करने में अक्षम है. मायावती ने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी अड़ियल नीति को छोड़कर बिना विलंब किए देशहित में अपनी कश्मीर नीति पर पुनर्विचार करें. उन्होंने कहा कि देश में शांति व कानून-व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार को खासकर कश्मीर नीति में परिवर्तन लाना चाहिए और राजनीतिक स्तर पर भी सुधार के प्रयास तेज करने चाहिए. इसके बाद मायावती ने जो कहा वो हक्का बक्का करने वाला था तथा भारतीय सेना को कटघरे में खड़ा करने वाला था. मायावती के कहा कि भारत सरकार कश्मीर के लोगों के साथ वही व्यवहार कर रही हैं जो पाकिस्तानी सरकार POK में करती है अर्थात स्थानीय लोगों पर अत्याचार. मायावती ने कहा कि भारत को जम्मू के लोगों पर अत्याचार व तल्ख कार्यवाही नहीं करनी चाहिए.

अपने इस बयान में मायावती ने साफ़ साफ़ भारतीय सेना पर निशाना साधा है तथा कहा कि कश्मीर में नागरिकों का दमन किया जा रहा है. लेकिन मायावती शायद भूल गयी हैं कि पाकिस्तानी सेना POK में जल्लाद की तरह व्यवहार करती है तथा POK निवासियों का क़त्ल करती है वहीं भारतीय सेना कश्मीर में स्थानीय नागरिकों के पत्थर खाती हैं, खोली खाती है उसके बाद कश्मीरी लोगों के हितों की रक्षा करती है. जो कश्मीरी आक्रान्ता भारतीय सेना को घेरकर उनकी जान लेने का प्रयास करते हैं, इसके बाद भी भारतीय सेना उनको शांति के मार्ग पर लाने का प्रयास करती रहती है. इतना सब होने के बाद भी मायावती अपनी राजनीति में इतनी ज्यादा अंधी हो जाती हैं कि वह भारतीय सेना की तुलना जल्लाद पाकिस्तानी सेना से करती हैं तो इससे अधिक शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता है.


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