दुर्दांत इस्लामिक आतंकियों को बचाया जा सके इसके लिए कांग्रेस ने दिग्विजय के माध्यम से रची थी ऐसी साजिश जो बदलने वाली थी भारत का पवित्र इतिहास

कांग्रेस पार्टी जिस पर हमेशा से ही हिन्दू आस्थाओं पर प्रहार के, हिंन्दुओं के दमन के आरोप लगते रहे हैं तथा यही कारन है किजिस कांग्रेस का पूरे देश मेंप्रभुत्व तथा उस कांग्रेस को देश की हिन्दू राष्ट्रवादी जनता ने उखाड़ फेंका है व आज कांग्रेस सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति में है. आम धारणा बन चुकी है कि कांग्रेस पार्टी को जब जब मौक़ा मिला तब कांग्रेस ने न सिर्फ हिन्दुओं, हिन्दू आस्थाओं का दमन किया बल्कि मुस्लिम तुष्टीकरण कि राजनीती में अंधी होकर राष्ट्र के पावन गौरवशाली इतिहास को कलंकित करने का प्रयास किया है, फिर चाहे वह हिन्दुओं को आतंकी कहना हो, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का विरोध करना हो, श्रीरामसेतु को काल्पनिक बताना हो या पूज्य भगवा को आतंक से जोड़ना हो.

हिन्दू तथा हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए कांग्रेस के एक से वरिष्ठ नेताओं ने ब्यान दिए तथा इसमें दिग्विजय सिंह ने अग्रणी भूमिका निभाई. लेकिन अब दिग्विजय सिंह ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने हिन्दू आतंकवाद नहीं कहा थया बल्कि संघी आतंकवाद कहा था. लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह तथा कांग्रेस को बेनकाब किया है कांग्रेस सरकार में पूर्व गृह सचिव रहे आरवीएस मणि ने. आरवीएस मणि ने कहा है कि हिन्दू आतंक की परिभाषा न सिर्फ दिग्विजय सिंह बल्कि कांग्रेस पार्टी ने ही गढ़ी थी तथा हिन्दुओं को आतंकी बताया गया था. गृहमंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि ने कहा है कि हिंदू आतंकवाद हकीकत में कुछ नहीं है, बल्कि इसे दिग्विजय सिंह ने ही गढ़ा है.

आरवीएस मणि ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने सरकारी संसाधनो का दुरुपयोग कर हिंदू आतंकवाद की अवधारणा को जन्म दिया और इसकी आड़ में उन्होंने वास्तविक आतंकवादियों को भगाने में सहायता की. उन्होंने कहा कि हिंदू आतंकवाद की अफवाह के बीच दिग्विजय सिंह ने समझौता एक्प्रेस में शामिल आतंकवादी आरिफ कसमानी और मक्का मस्जिद के आरोपी बिलाल को भगाने में सहायता की थी. मणि ने कहा कि हिंदू आतंकवाद के पीछे दिग्विजय सिंह की राजनीतिक मंशा क्या है मुझे नहीं मालूम लेकिन हिंदू आतंकवाद जैसी कोई चीज हकीकत में नहीं है तथा मुस्लिम आतंकियों को बचाया गया था, उन्हें भगाया गया तथा हिन्दू आतंकवाद शब्द को गढ़ा गया था. मणि ने कहा कि 2010 के पहले हिंदू आतंकवाद के बारे में कोई जानता भी नहीं था. मणि ने इसी विषय पर एक किताब भी लिखी है जिसमें इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है.

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