आरक्षण के मामले में ऐसी खबर आ आ रही सूत्रों से जो हर किसी के चेहरे पर ला सकती है मुस्कान


देश में लागू जातिगत आरक्षण के खिलाफ आये दिन आवाजें उठती रहती हैं. जो जातियों को जातिगत आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है तथा वो आर्थिक रूप से कमजोर हैं वो आये दिन आरक्षण सिस्टम में बदलाव को लेकर आंदोलन करती रहती हैं तथा कुछ विशेष जातियों को आरक्षण देने के बजाय सभी जातियों के आर्थिक रूप से गरीबों को आरक्षण देने की मांग करती रहती हैं. वर्तमान में महारष्ट्र में मराठा भी आरक्षण को लेकर आंदोलित हैं. चाहे वो मराठा हों या गुजरात के पटेल हों, राजपूत हों या ब्राह्मण हों, राजस्थान का गुर्जर आंदोलन हो या हरियाणा का जाट आंदोलन.. सभी जगह से एक ही आवाज उठती रहती है कि जातिगत आरक्षण ख़त्म किया जाए तथा आर्थिक रूप से गरीबों को आरक्षण दिया जाये.

आरक्षण पर मचे घमासान के बीच केंद्र सरकार के अंदर आरक्षण को लेकर एक बड़ी चर्चा चल रही है. सूत्रों के मुताबिक सरकार जातियों में आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर विचार कर रही है. सूत्रों के अनुसार ये आरक्षण आर्थिक आधार पर दिये जा सकते है. आरक्षण को लेकर पिछले कुछ समय से राजनैतिक सरगर्मी देखी जा रही है. भाजपा और कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेता भी समय-समय पर आरक्षण को लेकर बयान देते रहे हैं साथ ही आरक्षण खत्म करने को लेकर मोदी सरकार पर आरोप भी लगते रहे हैं. हालांकि मोदी सरकार कई मौको पर आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर अपनी सहमती दिखा चुकी है. 

ऐसे में सूत्रों के अनुसार खबर ये आ रही है कि सरकार आरक्षण को लेकर एक बड़ा उठा सकती है. यह आरक्षण आर्थिक आधार पर दिया जा सकता है. सरकार फैसले के पहले एक बड़ी चर्चा कर सकती है. इस चर्चा में सभी जातियों में आरक्षण पर विचार किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, सरकार के भीतर सभी जातियों में आर्थिक रूप से पिछड़े और कमज़ोर तबकों को आरक्षण देने पर विचार किया जा रहा है. गौरतलब है कि आरक्षण को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं महाराष्ट्र में भी आरक्षण की आग भड़की हुई है ऐसे में सरकार का यह फैसला काफी अहम साबित हो सकता है.


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