मैं एक फ़ौजी हूँ, कई जंगे लड़ी भारत के लिए और मोदी जी का बहुत बड़ा प्रशंसक था… लेकिन अब उन्होंने जो किया वो..


में एक फ़ौजी रहा हूँ तथा अपनी जान पर खेलकर देश के लिए लड़ाईयां लड़ी हैं. मुझे मुझी राजनीती से कभी कोई मतलब नहीं ररहा तथा हमेशा से देश की रक्षा करने के लिए वर्दी पहिनकर तत्पर रहा. लेकिन में प्रधनमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी लका बहुत बड़ा प्रशंशक हूँ तथा ये मानता हूँ कि मोदी जी के नेतृत्व में हिंदुस्तान मजबूती से आगे बढ़ रहा है लेकिन कश्मीर को लेकर मोदी जी ने जो सीजफायर का फैसला लिया है इससे में निराश हूँ. उन्होंने कहा कि मोदी जी को ऐसा नहीं करना चाहिए था. ये शब्द में रिटायर्ड मेजर सुरेदंर पूनिया के.

सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाली स्पेशल फोर्स से लेकर राष्ट्रपति के सुरक्षा दस्ते में रह चुके मेजर (रिटायर्ड) डॉ. सुरेंद्र पुनिया का कहना है कि पता नहीं सरकार की ऐसी कौन सी राजनीतिक मजबूरी है कि कश्मीर में सीज फायर करना पड़ा. उन्होंने कहा कि मैं मोदी का प्रशंसक हूं लेकिन सरकार की वर्तमान कश्मीर नीति का नहीं. सैनिकों के हाथ बांध दिए गए, ये एक बहुत ही गलत निर्णय था. मेजर पुनिया ने कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो लोग अपने बच्चों को सेना में नहीं भेजेंगे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आमंत्रण पर शनिवार को इंदौर पहुंचे मेजर डॉ. पुनिया ने कहा, सीज फायर तब होना चाहिए जब सामने वाला कहे. यह कोई धर्मयुद्ध नहीं कि शंख बजे और सब तंबू में चले गए. आतंकवादी कश्मीर में इस्लामिक राज्य स्थापित करना चाहते हैं तब आखिर रमजान में सीज फायर क्यों? उन्होंने कहा कि मैं आज भी मोदी जी का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ लेकिन उन्हें कश्मीर पर पूर्ववर्ती सरकारों कि तरह ढुलमुल रवैया छोड़ना चाहिए.

मेजर पुनिया ने कहा कि ऐसे तो कल को एक सैनिक कहेगा कि अभी दशहरा है तो सीज फायर करो, अभी गुरु पर्व है तो सीज फायर करो. ऐसा होगा तो हम लड़ेंगे कब, शांति कब स्थापित होगी. सेना के हाथ बांध दिए गए इससे अधिक दुखदाई नहीं हो सकता था. इससे तो अच्छा कि हुर्रियत को दिल्ली बुलाकर बिरयानी खिलाएं, जो पहले की सरकार करती रही हैं तथा न सिर्फ सेना बल्कि देश के दुश्मन हुर्रियत से यारी रखना, उनका सम्मान करना पूर्ववर्ती सरकारों कि नीति रही है लेकिन मोदी जी तो इससे अलग हैं तब आखिर सीजफायर क्यों किया गया? डॉ. पुनिया के मुताबिक पत्थरबाजों को पुलिस पकड़ती है और उन्हें माफी मिल जाती है. मैं अपने साथियों को बचाने के लिए फायर करता हूं तो मुझ पर केस चलाकर जेल में डाल दिया जाता है. उन्होंने कहा कि न आतंकियों पर रहम होना चाहिए और न पत्थरबाजों पर.


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