फ्रांस के राष्ट्रपति का घुसपैठियों पर बयान एक बहुत बड़ी शिक्षा है उन देशों के लिए जो अपने हाथ से अपने घर में पाल रहे हैं नाग

फ़्रांस में बढ़ती घुसपैठियों की समस्या पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक ऐसा बयान दिया है तथा एलान किया है जो उन देशों को एक शिक्षा है, उन देशों की ऑंखें खोलने वाला है जो पहले इन घुसपैठिये नागों को दूध पिलाते हैं तथा जब ये नाग बड़ा होता है तो उन्ही को डसता है जो उन्हें पालते हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति ने एलान कर दिया है कि फ्रांस कोई शरणार्थी स्थली नहीं है जो मानवता के नाम पर किसी को भी अपने देश में शरण देगा.

आपको बता दें कि फ्रांस से पहले मिस्त्र, इटली और स्पेन भी अपने देश में अन्य देशों के शरणार्थियों कि एंट्री पर बैन ;गए चुके हैं. अब इन देशों की तरह फ्रांस अपने यहां शरणार्थी नियंत्रण केंद्र नहीं बनाएगा क्योंकि वह सीधे तौर पर शरणार्थी संकट से नहीं जूझ रहा है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को यह बात कही. आपको बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रप्रति की इस घोषणा से कुछ घंटे पहले ही यूरोपीय यूनियन के नेताओं ने यूरोपीय परिषद के उद्घाटन समारोह के बाद शरणार्थियों के संकट पर निष्कर्षो की एक सूची जारी की थी. सूची में इस बात पर सहमति बनी थी कि यूरोपीय यूनियन के सभी सदस्य देश अपने यहां एक शरणार्थी केंद्र खोलेंगे जहां पर यूरोप में दाखिल होने वाले प्रवासियों और शरणार्थियों के बीच अंतर कर यह तय किया जाएगा कि इनमें से किन-किन को उनके देश वापस भेजा जाएगा.

लेकिन इसके तुरंत बाद फ्रांस ने ये बात मानने से इंकार कर दिया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि फ्रांस अपने क्षेत्र में प्रवासी नियंत्रण केंद्रों का निर्माण नहीं करेगा.मैक्रों ने कहा कि फ्रांस में इस तरह के केंद्रों के निर्माण का कोई तुक नहीं बनता. फ्रांस भूमध्यसागर से आने वाले शरणार्थियों को पनाह देने वाला देश नहीं है. फ्रांस के राष्ट्रपति का कहना है कि इन शरणार्थियों के वेश में जिहादी तत्व भी प्रवेश कर रहे हैं जो उनके देश की सुरक्षा के लिए खतरा है. फ्रांस ने कहा है कि वह मानवता की आड़ में अपने देश की सुरक्षा को दाव पर नहीं लगाएगा. आपको बता दें कि इससे पहले  अल्जीरिया ने पिछले 14 महीने में करीब तेरह हजार शरणार्थियों को बिना किसी मदद के सहारा रेगिस्तान में छोड़ दिया था तथा कहा था कि इनसे उसके देश कि अखंडता, एकता तथा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है.

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