जिस हिन्दू तालिबान शब्द को कांग्रेस और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड दोनों ने एक स्वर में कहा,, उसी पर सुप्रीम कोर्ट ने भी कुछ कहा… जानिये सही या गलत

हाल ही में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा लोकसभा सांसद शशि थरूर ने कहा था कि अगर अगले आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी जीती है तो हिन्दुस्तान हिन्दू पकिस्तान बन जाएगा. इससे भी आगे जाते हुए शशि थरूर ने कहा था कि भाजपा राज में देश का हिन्दू तालिबानीकरण हो रहा है. शशि थरूर के अलावा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तथा सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद के पक्षकार वकील राजीव धवन ने कोर्ट से कहा था कि हिन्दू तालिबान ने बाबरी मस्जिद ने गिराई थी.

हिन्दुओं कि लगातार इस्लामिक आतंकी दल तालिबान से करने के कारण देश का हिन्दू समुदाय आक्रोशित था लेकिन अब हिन्दू तालिबान शब्द को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिक्रिया दी है. राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में मुस्लिम पक्षकारों के वकील द्वारा ‘हिन्दू तालिबान’ शब्द का प्रयोग किए जाने को सुप्रीम कोर्ट ने गलत बताया है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कहा है कि “हिन्दू तालिबान” शब्द कतई स्वीकार नहीं है तथा ऐसा शब्द दोबारा प्रयोग न किया जाये. पिछली सुनवाई के दौरान धवन ने कहा था कि जिस तरह मुस्लिम तालिबानियों ने जैसे बुद्ध की मूर्ति को तोड़ा था, उसी तरह 1991 में बाबरी मस्जिद को हिन्दू तालिबानियों ने ढहा दिया था. शुक्रवार को अदालती कार्रवाई शुरू होते हुए एक वकील ने राजीव धवन के हिन्दू तालिबान शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताई. वकील ने पीठ से शिकायत की कि आखिर धवन इस तरह का शब्द का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं. इस पर बाबरी मस्जिद के वकील धवन ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा. उन्होंने कहा कि वह अपने बयान पर कायम है. बाबरी मस्जिद को तोडने वाले हिन्दू तालिबान थे, हिन्दू आतंकवादी थे.

राजीव धवन की इस टिप्पणी के बाद एक वकील उन पर विफर गए तथा कहा कि राजीव धवन बेहद घटिया बर्ताव कर रहे हैं तथा वह तेजी से चीखने लगे धीरे-धीरे धवन के करीब पहुंच गए. वकील ने कहा कि आखिर धवन तालिबान की तुलना हिन्दू से कैसे कर सकते हैं. दोनों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई, जिस पर कुछ वकीलों ने बीचबचाव कराते हुए दोनों को दूर किया. इसके बाद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने हस्तक्षेप करते हुए मामला शांत कराया. सके बाद चीफ जस्टिस ने धवन से कहा कि अदालत में सुनवाई के दौरान ‘हिन्दू तालिबान’ शब्द का इस्तेमाल अनुचित विशेषण है. अदालत में चाहे वरिष्ठ अधिवक्ता हो या कोई और, सभी को हर हालत में अनुशासन कायम रखना चाहिए. इस पर धवन ने एतराज जताते हुए कहा कि मैं नहीं मानता कि हिन्दू तालिबान का इस्तेमाल अनुचित है. जवाब में पीठ ने धवन से कहा, आप जो समझें, वह समझ सकते हैं. लेकिन हमारा मानना है कि हिन्दू तालिबान शब्द का इस्तेमाल उचित नहीं है तथा इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

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