बांग्लादेशियों के मुद्दे पर मम्रता की पार्टी में शुरू हुआ घमासान.. 3 कद्दावर नेताओं ने पार्टी छोड़ी और बोले- “राष्ट्र सर्वप्रथम”

बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रति आपने प्यार के कारण खून खराबा करने तथा देश में गृहयुद्ध की धमकी दे चुकी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की खुद की पार्टी में ही बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर घमासान शुरू हो गया है. एकतरफ ममता बनर्जी बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा चुकी हैं तथा देश को लहूलुहान करने, रक्तपात की धमकी दे रही हैं वहीं दुसरी तरफ खुद ममता की पार्टी से उनके खिलाफ बगावत शुरू हो गयी है तथा तृणमूल कांग्रेस के तीन कद्दावर नेताओं ने ये कहते हुए पार्टी छोड़ दी है कि उनके लिए राष्ट्र सर्वप्रथम है. पार्टी छोड़ने वालों में असम तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल हैं.

खबर के मुताबिक़, असम के टीएमसी प्रमुख दीपेन पाठक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अपने इस्तीफे के लिए दीपेन ने अपनी ही पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एनसीआर के मुद्दे पर ममता बनर्जी देश का माहौल खराब कर रही हैं, जबकि हकीकत में कुछ भी ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा कि एनआरसी का यह पहला ड्राफ्ट है और लोगों को अपने नाम दर्ज करने का पूरा मौका दिया जा रहा है. दीपेन पाठक का कहना है कि उनके लिए ममता बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस नहीं बल्कि हिन्दुस्तान मायने रखता है, वह राष्ट्र सर्वप्रथम को माने वाले हैं. दीपेन पाठक ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री जिस तरह के बयान दे रही हैं उससे असम में रहने वाले बंगाली और असम के लोगों के बीच तनाव पैदा हो सकता है. उनके वर्षों पुराने संबंधों में खटास आ सकती है. उन्होंने कहा कि राजनीति के लिए देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ उचित नहीं है लेकिन ममता बनर्जी के बयान देश को लोगों को आपस में लड़ाने वाले हैं.

अपने पद से इस्तीफा देते हुए दीपेन ने मीडिया से कहा, ‘ममता बनर्जी कह रही हैं कि असम में से बंगाली को भगाने के लिए एनआरसी को पेश किया गया है. इससे मैं सहमत नहीं हूं. क्योंकि एनआरसी में खुद असम की जो प्राचीन जनजाति हैं उन लोगों के नाम भी बाहर हो गए हैं. लेकिन सरकार 7 अगस्त से फिर से फार्म जारी कर रही है. 30 तारीख से लोग फिर से अपील कर सकते हैं. उससे पहले इतना हल्ला करने की कोई जरूरत नहीं है. इस वजह से असम का माहौल खराब हो सकता है. असम TMC चीफ दीपेन पाठक के अलावा दिगंत सैकिया और प्रदीप पचोनी ने भी पार्टी छोड़ दी है. इन नेताओं ने कहा है कि ममता बनर्जी को एनआरसी की वास्तविक सच्चाई पता नहीं है. बिना किसी जानकारी के उन्होंने एनआरसी की निंदा की है. दिगंत सैकिया ने कहा कि ममता बनर्जी जो कह रही हैं उसमें और असम की जमीनी सच्चाई में काफी अंतर है.

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