जेल में बंद अपराधी सिद्दीक अली को अदालत ने दी घर जा कर बच्चे पैदा करने की छूट.. पुलिस को दिया आदेश -ध्यान रखना अली का

ये अपने आप मे शायद पहला व अब तक का सबसे अनोखा केस रहा हो जब अदालत ने जेल में बंद एक कैदी को 14 दिन के लिए सिर्फ इसलिए पुलिस की सुरक्षा आदि देते हुए घर भेज दिया जिस से वो घर जा कर अपनी बीबी से सम्बन्ध स्थापित कर सके और बच्चे पैदा कर सके ..यहां ये भी ध्यान देने योग्य है कि पिछले 20 सालों से जेल में बंद दारा सिंह अपने माता पिता की शव यात्रा तक में पल भर के लिए भी शामिल नहीं हो पाया था ..

ज्ञात हो कि मद्रास  हाई कोर्ट ने एक कैदी को उसका परिवार बढ़ाने के लिए 2 सप्ताह की अस्थायी छुट्टी दी है। 40 वर्षीय यह कैदी तिरुनलवेली जिले के केंद्रीय कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहा है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस तरह के मामलों के लिए एक समिति का गठन किया जाए। 

इस मामले की सुनवाई करने वाली न्यायमूर्ति एस विमला देवी और न्यायमूर्ति टी कृष्ण वल्ली की खंडपीठ ने पलयमकोट्टई केंद्रीय कारागार के कैदी सिद्दीक अली को यह छुट्टी उसकी 32 वर्षीय पत्नी की याचिका पर दी है। उसकी पत्नी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका हाई कोर्ट में दायर की थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिहा होने के बाद चिकित्सीय जांच के लिए दो सप्ताह की अतिरिक्त छुट्टी पर विचार किया जा सकता है। अदालत ने जेल अधिकारियों को इस संबंध में प्रक्रिया का पालन करने और कैदी के जेल से बाहर रहने के दौरान उसे सुरक्षा देने का निर्देश भी दिया है.. अब पुलिस की जिम्मेवारी है कि किसी प्रकार से भी सिद्दीक अली को कोई दिक्कत न आने पाए और वो मुक्त हो कर संसर्ग करते हुए और बच्चे पैदा कर सके …

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