कौन है वो “बौना सरदार” जिसका नाम लिया है कुमार विश्वास ने अपने ट्वीट में और क्या रिश्ता है उसका सर्जिकल स्ट्राइक के साथ?

जब भारतीय सेना ने सितंबर 2016 में पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी जिसका खुद भारतीय सेना ने एलान किया था तो उसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री तथा आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने भारतीय सेना के इस शौर्य तथा पराक्रम सवाल उठाते हुए सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जी करार दिया था. हालाँकि हिंदी के वरिष्ठ कवि तथा आम आदमी पार्टी के नेता डॉ. कुमार विश्वास ने पार्टी लाइन के इतर जाते हुए न सिर्फ सेना की तारीफ की थी बल्कि ये भी कहा था कि कौन क्या कहता है इससे उन्हें मतलब नहीं है लेकिन वह खुद भारतीय सेना पर विश्वाश करते हैं तथा इस साहसिक सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सेना को सैल्यूट करते हैं.

लेकिन अब भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी के असंतुष्ट नेता कुमार विश्वास ने इशारों-इशारों में निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को’बोना सरदार’बताते हुए निशाना साधा है. इस स्ट्राइक का बुधवार की रात को एक वीडियो सामने आया. केजरीवाल ने उस समय एक साक्षात्कार में सवाल किया था,’ पाकिस्तान की सरकार एक बस भर के अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को सीमा पर ले गयी थी पाकिस्तान ने वहां दिखाया था कि भारत सर्जिकल स्ट्राइक की बात कर रहा है लेकिन यहां कुछ हुआ ही नहीं.’ वीडियो के सामने आने के बाद विश्वास ने गुरुवार को ट्विटर के जरिये केजरीवाल पर इशारों-इशारों पर निशाना साधा और कहा कि सेना की शौर्यगाथा के प्रमाण चिह्न देखकर अखड-पांखडियों को उनसे नहीं तो खुद से तो माफी मांगनी ही चाहिए.

केजरीवाल का नाम लिए बिना विश्वास ने उन्हें’बौना सरदार’बताया. कवि विश्वास ने दो ट्वीट किए जिसमें उन्होंने लिखा कि तीन में से जिस एक मुद्दे पर देश की सेना के पक्ष में होने पर मुझे ‘ तथाकथित राजनैतिक नुकसान’ पहुंचाया गया था, आज उसी शौर्यगाथा’सर्जिकल स्ट्राइक ‘ के प्रमाण चिह्न देखकर उन अखंड-पांखडियों को मुझसे नहीं तो खुद से तो माफी मांगनी ही चाहिए। जो हमारे लिए जीवन दें, उनके लिए कुछ भी कुर्बान. दूसरे ट्वीट में असंतुष्ट आप नेता ने कहा, ‘आतंक से लड़ रही सेना के खिलाफ राजनीति नहीं करने दूंगा, यह सुनकर, आत्मा का सौदा कर लेने वाले 11 नवपतित गिद्धां को जमा करके बौने सरकार ने मुझसे कहा था,’ तुम मेरे व संगठन के साथ नहीं हो ‘ तो सुनो लंपटेश ‘ देश के साथ हूं.रहूंगा’ तुम जैसे रोज आयेंगे। रोज जायेंगे पर देश था, है, रहेगा.

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