सेना के खिलाफ आखिरकार बोल ही पड़ी एक पार्टी… आतंकपरस्त पत्थरबाजों की मौत को बताया सैनिकों द्वारा की गई हत्या

देश की रक्षक जांबाज भारतीय सेना के खून के प्यासे आतंकपरस्त पत्थरबाजों के समर्थन में एक बार फिर हिंदुस्तान की तथाकथित सेक्यूलर राजनीति तनकर खड़ी हो गई है. अपनी जान पर खेलकर देश की रक्षा करने वाली भारतीय सेना को चुनौती मिली है एक राजनैतिक पार्टी से जिसने आतंकपरस्त उन्मादी पत्थरबाजों की मौत को सैनिकों द्वारा की गई ह्त्या बताया है तथा पत्थरबाजों की मौत की न्यायिक जांच की मांग की है.

खबर के मुताबिक़, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने जम्मू एवं कश्मीर में शनिवार को सात नागरिकों की हत्या की जांच की सोमवार को मांग की और सुरक्षा बलों से नागरिकों पर गोलीबारी करने से बचने को कहा. गुलाम नबी आजाद ने पत्थरबाजों के मारे जाने पर दुख जाहिर करते हुए कहा, “हमारे सशस्त्र बलों ने जब भी आतंकवादियों को मार गिराया है, वे हमेशा सराहनीय रहे हैं, लेकिन जब निर्दोष नागरिक मारे जाते हैं तो पीड़ा होती है. कश्मीर, पुलवामा में सात से ज्यादा नागरिकों की हत्या अस्वीकार्य है.”

गुलाम नबी आजाद ने कहा, “इस मामले की जांच की जानी चाहिए और सुरक्षा बलों को नागरिकों पर गोलीबारी करने से बचने को कहा जाना चाहिए, ताकि पुलवामा जैसी स्थिति भविष्य में फिर नहीं पैदा हो.” ज्ञात हो कि पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों के साथ झड़प के दौरान शनिवार को 3 आतंकी तथा 7 पत्थरबाज मारे गये थे. वहीं सेना का एक जवान भी बलिदान हुआ था.

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