ओवैसी और उमर खालिद जैसों की कुसंगति का असर दिख गया प्रकाश अंबेडकर पर.. वन्देमातरम पर अजीब बयान

अभी तक असदुद्दीन ओवैसी, उमर खालिद, आज़म खान जैसे लोग ये कहते सुने जाते थे कि वह वन्देमातरम नहीं बोलेंगे क्योंकि वन्देमातरम मजहबे-इस्लाम के खिलाफ है. लेकिन खुद को दलित समाज का हितैषी बताने वाले संविधान निर्माता भीमराव राम जी आंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने वन्देमातरम को लेकर बेहद ही विवादित तथा आपत्तिजनक बयान दिया है. ओवैसी की कुसंगति का असर प्रकाश अंबेडकर पर भी दिखाई देने लगा है तथा उन्होंने राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम पर सवाल खड़े कर दिए है तथा वन्देमातरम गाने वालों को देशविरोधी करार दिया है.

भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. बी.आर आंबेडकर के पोते और भारिप बहुजन महासंघ (BBM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि वो वंदे मातरम नहीं गाएंगे. उन्‍होंने सवाल किया कि अगर ‘मैं जन गण मन’ गाउंगा तो मैं भारत विरोधी हो जाउंगा और वंदे मातरम गाने से क्या सच्चा भारतीय बन जाउंगा? मंगलवार (23 अक्टूबर) को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आंबेडकर ने कहा कि जब देश में पहले से ही राष्ट्रगान मौजूद है तो देश को राष्ट्रीय गीत यानि कि वंदे मातरम की क्या आवश्यकता है.

उन्‍होंने कहा, जन गण मन राष्‍ट्रगान है न कि वंदे मातरम. जब आधिकारिक राष्‍ट्रगान मौजूद है तो हमें किसी अन्य गान की आवश्यकता क्यों है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान गाने वाले लोग राष्ट्रवादी कहलाते हैं, लेकिन अगर कोई वंदे मातरम नहीं गाता है तो वह गद्दार कैसे हो सकता है. उन्होंने पूछा कि वंदे मातरम न गाने वालों को देश विरोधी प्रमाण पत्र देने वाला कौन शख्स है? बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा आप इस तरह के सर्टिफिकेट्स (नेशनल-एंटी नेशनल) देने वाले कौन होते हैं. मैं उन लोगों पर एंटी-इंडिया होने का आरोप लगाता हूं जो वंदे मातरम गाते हैं.

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