स्वतंत्र भारत एक पहले ऐसे मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं योगी आदित्यनाथ जिनकी प्रेस विज्ञप्ति जारी होगी संस्कृत में

एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है ऐसा काम जिसने दिल जीत लिया है एक बड़े वर्ग का.. मुख्यमंत्री के साथ एक सम्मानित और पवित्र पीठ के प्रमुख योगी आदित्यनाथ ने पिछली कुछ सरकारों द्वारा स्वघोषित सेकुलरिज्म ने नाम पर विलुप्त करने के साजिश की शिकार देववाणी कही जाने वाली संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए उठाया है बड़ा कदम .. निश्चित तौर पर ये स्वतंत्र भारत के पहले मुख्यमंत्री होंगे जिन्होंने संतो की संतति को संरक्षित करने की कोशिश की है .

विदित हो कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी होने वाली प्रेस विज्ञप्ति अब संस्कृत में भी जारी की जायेगी . अब तक पिछली सरकारों में ये प्रेस विज्ञप्तियां केवल अंग्रेजी भाषा और हिंदी भाषा में जारी की जाती रही हैं लेकिन अब पहली बार एक तीसरी भाषा में भी वही प्रेस विज्ञप्ति होगी जो संस्कृत होगी .. योगी आदित्यनाथ के इस बड़े कदम को संस्कृत भाषा के उत्थान की दिशा में उठाया गया एक बड़ा संकेत और मील का पहला पत्थर माना जा रहा है .

योगी आदित्यनाथ के इस कदम की हर तरफ मुक्त कंठ से प्रसंशा की जा रही है .. इस से पहले संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने की कोशिशो को वामपंथी विचारधारा ने कई बार साम्प्रदायिक सोच कहा था लेकिन इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसी किसी भी आलोचना पर ध्यान देने के बजाय देववाणी के उत्थान की दिशा में जो कदम उठाया है वो निश्चित तौर पर संस्कृत भाषा के आने वाले सुनहरे भविष्य की तरफ इशारा कर रहा है .

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