शिक्षकों को मोदी सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा, सैलरी में 10 से 50 हजार रूपए तक की बढ़ोतरी


प्रधानमंत्री मोदी सरकार के द्वारा 7वां वेतन पारित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को दीवापली का सैलरी बढ़ोतरी तोहफा दिया है, ये सैलरी बढ़ोतरी 10 से 50 हजार के बीच है। इस सैलरी बढ़ोतरी से शिक्षकों को बड़ा फायदा मिलने जा रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति और भी मजबूत हो जाएगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता आएगी। बुधवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात का फैसला किया गया है।

सरकार के इस फैसले के बाद केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के वेतन में में 10,400 रुपये से लेकर 49,800 रूपये तक का बढ़ोतरी होगी। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी गयी है। सरकार के इस फैसले से यूजीसी व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित कॉलेजों और 106 विश्वविद्यालयों के 7.58 लाख शिक्षकों व समकक्ष अकादमिक कर्मचारियों को फायदा होगा।

इसके अलावा इस फैसले से राज्य सरकारों से सहायता प्राप्त 329 विश्वविद्यालयों और 12,912 कॉलेजों को भी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसले से केंद्र सरकार की सहायता प्राप्त 213 संस्थानों, 329 राज्य संस्थानों और 12,912 कॉलेजों को भी फायदा होगा। केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि शिक्षकों को सातवें वेतन का लाभ 1 जनवरी 2016 से मिलेगा। संशोधित वेतन पैकेज का फायदा आर्इआर्इटी, आर्इआर्इएम, ट्रिपल आर्इआर्इटी जैसे 119 संस्थानों को भी मिलेगा। इस फैसले से सालाना केंद्रीय वित्तीय देनदारी करीब 9800 करोड़ रुपये होगी। इस संशोधन से शिक्षकों के वेतन में 10,400 रूपये से लेकर 49,800 रूपये तक की वृद्धि होगी. शिक्षकों के वेतन में अलग-अलग श्रेणियों में 22 प्रतिशत से लेकर 28 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।

इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में स्किल इंडिया मिशन को बढ़ावा देने के लिए दो नयी योजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए संकल्प और स्ट्राइव योजनाओं की शुरुआत की जायेगी। साथ ही सेबी और एफएससी, जिब्राल्टर के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जायेंगे। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत अपने कार्यबल के कौशल विकास पर जोर देने के साथ अन्य देशों को कुशल कार्यबल मुहैया कराने पर ध्यान दे रहा है। इस बढ़ोतरी से शिक्षक व्यवस्था में विस्तार होगा और गुणवत्ता में बृद्धि होगी और ज्यादा से ज्यादा शिक्षक और अन्य लोग लोग प्रणाली में जुड़ सकेंगे।


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