मोदी ने भी माना कि शानदार कार्य कर रहे योगी जी.. योगिराज पर केंद्र की मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने योगी को खुली और निडर सोच वाला कहा। उन्होंने कहा कि योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उत्तम ढंग से विकास कर रहा है। उन्होंने नोएडा आकर आधुनिकता का परिचय दिया है ।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने अपनी खुली और आधुनिक सोच का परिचय दिया है। यह काबिल-ए-तारीफ है। प्रधानमंत्री ने योगी के सुशासन पर मुहर लगाई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं अपने ऊर्जावान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करना चाहता हूं। वह बहुत उत्तम तरीके से उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। सभी दिशाओं में विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। सुशासन पर बल दे रहे हैं।
उनके कपड़े देखकर ये अफवाहे फैलायी जाती है कि वे आधुनिक सोच के हो ही नहीं सकते। ये पुराण-पोथी वाले होंगे। ये मान्यताओं में बंधे होंगे। लेकिन मुझे खुशी है कि खुद योगी आगे बढ़कर नोएडा आए हैं।

साथ ही पीएम ने कहा कि नोएडा के बारे में छवि बन गई थी कि कोई मुख्यमंत्री यहां आ ही नहीं सकता है। योगी जी ने आगे बढ़कर इस भ्रम को तोड़ दिया। उन्होंने बता दिया कि आधुनिक युग में ऐसा नहीं हो सकता। इसलिए मैं योगी जी को हृदय से बधाई देता हूं। डरने वालों को मुख्यमंत्री बनने का हक नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग इस डर से जीते हैं कि कहीं चले जाने से मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाएगी तो ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री बनने का हक ही नहीं है।

मान्यताओं में कैद कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता। हम विज्ञान और तकनीक के युग में जी रहे हैं। मैं जब गुजरात में मुख्यमंत्री था तो मुझे छह-सात जगहों के नाम बताए गए, वहां नहीं जाना। मैं कार्यभार लेने के बाद एक महीने में सारी जगहों पर गया और गुजरात में सबसे लंबे समय तक सेवा की। यहां ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो कार खरीदते हैं और रंग के फेर में फंसकर नींबू और मिर्च लटकाकर घूमते हैं।
साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जब प्रधानमंत्री किसी राज्य में आते हैं तो उसके लिए बेहद खुशी की बात होती है।

प्रधानमंत्री गुजरात और हिमाचल का चुनाव जीतने के बाद पहली बार हमारे प्रदेश में आए हैं। जब प्रधानमंत्री बोलने लगे तो सबसे पहले इसी बात का जवाब दिया। बोले, मैं किसी राज्य में नहीं आया हूं मैं तो अपने उत्तर प्रदेश में आया हूं।
यूपी ने मुझे गोद लिया है। मेरा लालन-पालन किया है। बनारस से पहली बार जिताकर संसद भेजा और यह जिम्मेदारी दी है। अटल बिहारी वाजपेयी इस देश के पहले मेट्रो पैसेंजर, मेट्रो की जरूरत और उपयोगिता पर जब प्रधानमंत्री ने कहा कि 24 दिसंबर 2002 को अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली में इस देश के पहले मेट्रो के पैसेंजर बने थे।

मेट्रो में सवारी करना प्रतिष्ठा की बात होनी चाहिए।
लोग कहें कि मैं तो भाई मेट्रो में यात्रा करूंगा। मेट्रो तो आपके लिए है। देश के टॉप-10 उद्योगपतियों में से तो शायद कभी कोई मेट्रो की सवारी नहीं करेगा। इस मेट्रो नेटवर्क में 100 किमी से ज्यादा दूरी तय हो चुकी है।

वह दिन दूर नहीं होगा जब दुनिया के सबसे बड़े पांच मेट्रो नेटवर्क में इसका नाम जुड़ जाएगा। और उनके इस बात पर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।

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