सबरीमाला के शांत होते विवाद में आग में घी जैसा है राहुल गांधी का बयान… आक्रोशित हुए केरल के संघर्ष करते हिन्दू

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल के सबरीमाला मंदिर की पवित्रता व सम्मान को बचाए रखने के लिए केरल सरकार का दमन झेल रहे हिन्दू श्रद्धालुओं को आक्रोशित करने वाला बयान दिया है. कांग्रेस की केरल राज्य इकाई के उलट राहुल गांधी ने कहा कि उनका मानना है कि केरल के सबरीमाला मंदिर में कि सभी आयुवर्ग की महिलाओं को सबरीमला मंदिर में प्रवेश की अनुमति होनी चाहिए.

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने पिछले महीने केरल के भगवान अयप्पा के मंदिर में महावारी आयु वाली महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी हटा दी थी. उन्होंने चुनावी राज्य मध्य प्रदेश के इंदौर में चुनिंदा संपादकों और पत्रकारों से कहा, “सबरीमला मामले में मेरा निजी दृष्टिकोण यह है कि महिलाएं और पुरुष बराबर हैं. (सभी) महिलाओं को सबरीमला मंदिर में जाने की अनुमति मिलनी चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि इस “भावनात्मक मुद्दे” पर उनकी सोच उनकी पार्टी की केरल इकाई से अलग है जो कोर्ट के फैसले के खिलाफ है.

राहुल गांधी के इस बयान के हिंदूवादी संगठन तथा भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी की आलोचना की है. हिन्दू संगठनों का कहना है कि एकतरफ राहुल गांधी कहते हैं वह जनेऊधारी हिन्दू हैं वही दूसरी तरफ वह सबरीमाला मंदिर को लेकर हिंदुत्व की परंपरा, सम्मान को कुचलने वाला बयान दे रहे हैं. हिन्दू संगठनों का कहना है सबरीमाला मंदिर पर राहुल गांधी का बयान साबित करता है कांग्रेस पार्टी हमेशा से हिन्दू आस्थाओं का दमन करती आयी है तथा राहुल गांधी भी उसी रास्ते पर हैं.

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